भोपाल में LPG सप्लाई बंद होने के आरोप पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा- बिना PNG आम लोगों के चूल्हे कैसे जलेंगे?

भोपाल में LPG सप्लाई बंद होने के आरोप पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा- बिना PNG आम लोगों के चूल्हे कैसे जलेंगे?


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MP High Court News: भोपाल में बिना PNG सुविधा पहुंचे LPG सप्लाई बंद किए जाने के आरोप पर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है. चीफ जस्टिस अल्पेश कोग्जे और जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने पूछा कि PNG के बिना लोगों के चूल्हे कैसे जलेंगे. मामला केंद्र के 24 मार्च 2026 के आदेश से जुड़ा है.

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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट.

Jabalpur News: राजधानी भोपाल में PNG कनेक्शन पहुंचने से पहले LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद किए जाने के आरोप पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस अल्पेश कोग्जे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया है.

हाईकोर्ट ने उठाया बड़ा सवाल
अदालत ने सुनवाई के दौरान सरकार से सीधा सवाल किया कि यदि किसी क्षेत्र में LPG सप्लाई बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है, लेकिन वहां अभी तक PNG की व्यवस्था नहीं हुई है, तब ऐसी स्थिति में आम लोगों के चूल्हे कैसे जलेंगे?

अयोध्या बाईपास रोड इलाके का मामला उठा
यह मामला अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विजय श्रीवास्तव की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अक्सा मुकर्रम ने कोर्ट के सामने भोपाल के अयोध्या बाईपास रोड का उदाहरण रखा. उन्होंने बताया कि इस पूरे इलाके में अभी तक PNG कनेक्शन नहीं पहुंचे हैं. इसके बावजूद वहां LPG सप्लाई बंद होने जैसी स्थिति बन गई है.

सरकार ने कहा, ऐसी कोई स्थिति नहीं!
दूसरी तरफ, सरकार की ओर से पेश हुए पक्ष में कहा गया कि जमीनी स्तर पर ऐसी कोई स्थिति नहीं है. सरकार के इस जवाब पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को ऐसे इलाकों की स्पष्ट जानकारी देने को कहा, जहां वास्तव में PNG पहुंचे बिना LPG सप्लाई रोकी गई हो. साथ ही, अदालत ने सरकार को अयोध्या बाईपास रोड की वर्तमान स्थिति पर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं.

यह पूरा विवाद केंद्र सरकार के 24 मार्च 2026 के आदेश से जुड़ा हुआ है. इस आदेश में प्रावधान है कि जिन इलाकों में PNG उपलब्ध कराई जाएगी, वहां सार्वजनिक सूचना जारी करने के तीन महीने बाद LPG सप्लाई बंद कर दी जाएगी.

LPG रिफिल की सीमा पर भी सवाल
याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस नियम से उपभोक्ताओं की अपनी पसंद खत्म हो जाएगी और उन पर जबरन PNG कनेक्शन लेने का दबाव बनेगा. इसके अलावा, याचिका में ऑनलाइन बुकिंग, OTP व्यवस्था और e-KYC की अनिवार्यता को भी चुनौती दी गई है. साथ ही LPG रिफिल की 25 और 45 दिन की सीमा पर भी सवाल उठाए गए हैं. अब हाईकोर्ट यह देखेगा कि क्या LPG रोकने से पहले संबंधित इलाके में PNG की सुविधा सचमुच उपलब्ध कराई गई थी या नहीं.



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