बिहार MLC चुनाव ने खोली गठबंधन की गांठ, 8 सीटों पर किसके खिलाफ कौन? पढ़ें पूरी स्टोरी

बिहार MLC चुनाव ने खोली गठबंधन की गांठ, 8 सीटों पर किसके खिलाफ कौन? पढ़ें पूरी स्टोरी


पटना. बिहार में विधान परिषद चुनाव ने गठबंधन की गांठ खोल दी है. सत्ता के लिए साथ खड़े दल अब चुनावी मैदान में एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं. महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के बीच सीट बंटवारे का विवाद इतना गहराया कि 8 में से 6 सीटों पर गठबंधन के साथी ही आमने-सामने आ गए हैं. वहीं एनडीए के भीतर भी तस्वीर पूरी तरह अलग नहीं है. जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के खिलाफ पार्टी विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार का समर्थन कर दिया है. ऐसे में 23 अक्टूबर का विधान परिषद चुनाव सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि गठबंधन की एकजुटता की भी बड़ी परीक्षा बन गया है.

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को चुनाव होना है. इनमें 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं. सीटों के बंटवारे को लेकर महागठबंधन के घटक दलों में सहमति नहीं बनी और इसका असर सीधे चुनावी मैदान में दिखाई दे रहा है. आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के उम्मीदवार 6 सीटों पर एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं. सबसे दिलचस्प मुकाबला दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में देखने को मिल रहा है. यहां कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी मदन मोहन झा फिर मैदान में हैं. उनके खिलाफ आरजेडी ने कुंवर राय को उम्मीदवार बनाया है. वहीं सीपीआई ने भी रामदेव राय को उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है.

इन सीटों पर भी आमने-सामने हैं RJD और कांग्रेस

पटना स्नातक सीट पर आरजेडी के दिलीप कुमार और कांग्रेस के डॉ. असदुल्लाह खान के बीच मुकाबला है. दरभंगा स्नातक सीट पर आरजेडी के अनिल कुमार झा के सामने कांग्रेस के रजनीकांत पाठक हैं. कोसी स्नातक सीट पर आरजेडी के नितेश कुमार और कांग्रेस के मनोज कुमार जायसवाल आमने-सामने हैं. पटना शिक्षक सीट पर आरजेडी के डॉ. संजीव कुमार सिंह और कांग्रेस के संजय यादव के बीच मुकाबला है. वहीं सारण शिक्षक सीट पर आरजेडी के प्रो. जयराम यादव और सीपीआई के विद्यासागर विद्यार्थी आमने-सामने हैं.

JDU में भी खुला मोर्चा, नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह

महागठबंधन की खींचतान के बीच एनडीए के प्रमुख सहयोगी जेडीयू में भी पटना स्नातक सीट को लेकर मामला दिलचस्प हो गया है. जेडीयू ने अपने मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन पार्टी के विधायक अनंत सिंह ने उनके खिलाफ जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह का समर्थन कर दिया है. अनंत सिंह के इस रुख के बाद जेडीयू नेतृत्व को सक्रिय होना पड़ा. पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता ललन सिंह से बातचीत की. इसके बाद अनंत सिंह को समझाने और मामले को संभालने की कोशिश हुई.

सवाल सिर्फ चुनाव का नहीं, गठबंधन की एकजुटता का भी

विधान परिषद चुनाव में जिस तरह सहयोगी दल ही एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं, उससे महागठबंधन की अंदरूनी सियासत पर सवाल उठ रहे हैं. आरजेडी ने 7, कांग्रेस ने 5, सीपीआई ने 2 और सीपीएम ने 1 सीट पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं. ऐसे में 23 अक्टूबर का चुनाव सिर्फ विधान परिषद की सीटों का मुकाबला नहीं होगा. यह उन गठबंधनों के लिए भी परीक्षा है, जिनके दल कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं. एक तरफ महागठबंधन में सीट शेयरिंग का विवाद है, तो दूसरी तरफ पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह के रुख ने जेडीयू के भीतर भी नई चुनौती खड़ी कर दी है.



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