बच्चा बार-बार ‘मुझे बोर हो रहा है’ कहता है? हर बार फोन देने की बजाय ये तरीका अपनाएं

बच्चा बार-बार ‘मुझे बोर हो रहा है’ कहता है? हर बार फोन देने की बजाय ये तरीका अपनाएं


“मम्मी, मैं बोर हो रहा हूं”, “पापा, करने को कुछ नहीं है…” बच्चों के मुंह से ऐसी बातें अक्सर सुनने को मिलती हैं. जैसे ही बच्चा बोर होने की शिकायत करता है, कई माता-पिता उसे चुप कराने के लिए मोबाइल या टीवी दे देते हैं. इससे बच्चा कुछ देर के लिए व्यस्त तो हो जाता है, लेकिन हर बार बोरियत का समाधान स्क्रीन बन जाए, तो बच्चा खुद से कुछ करने की कोशिश कम कर सकता है.

अगर बच्चा बार-बार कहता है कि उसे बोरियत हो रही है, तो सबसे पहले उसकी बात को नजरअंदाज करने के बजाय उससे पूछें कि वह क्या करना चाहता है. इसके बाद उसे कुछ विकल्प दें. मसलन, आप कह सकते हैं, “तुम ड्रॉइंग करना चाहोगे या अपना पसंदीदा गेम खेलना?” बच्चे को दो-तीन आसान विकल्प देने से वह खुद फैसला लेना सीखता है. हर बार माता-पिता को ही उसके लिए कोई एक्टिविटी तय करने की जरूरत नहीं है.

कुछ समय बच्चे को खुद खेलने दें

बच्चे के हर खाली समय को किसी एक्टिविटी से भरना जरूरी नहीं है. कभी-कभी उसे कुछ समय बिना किसी तय काम के भी रहने दें. इस दौरान बच्चा अपने खिलौनों से खेल सकता है, कहानी बना सकता है, ड्रॉइंग कर सकता है या घर में मौजूद चीजों से कोई नया खेल सोच सकता है. शुरुआत में बच्चा बार-बार कह सकता है कि वह बोर हो रहा है, लेकिन धीरे-धीरे वह खुद कुछ करने के तरीके खोज सकता है.

घर में बनाएं ‘Boredom Box’

आप एक छोटा सा बॉक्स तैयार कर सकते हैं, जिसमें बच्चे की पसंद की कुछ चीजें रखी हों. इसमें रंग और स्केचबुक, पजल, स्टोरीबुक, पेपर क्राफ्ट का सामान या छोटे बोर्ड गेम रखे जा सकते हैं. जब बच्चा कहे कि उसे बोर हो रहा है, तो सीधे फोन देने की बजाय उसे इस बॉक्स में से कोई चीज चुनने के लिए कहें. इससे उसके पास स्क्रीन के अलावा भी कई विकल्प मौजूद रहेंगे.

रोज थोड़ा Outdoor Time रखें

अगर मौसम और जगह की सुविधा हो, तो बच्चे को कुछ समय बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें. पार्क में खेलना, साइकिल चलाना, गेंद खेलना या सिर्फ थोड़ी देर टहलना भी उसके दिन को एक्टिव बना सकता है. घर के अंदर भी माता-पिता बच्चे के साथ कोई सरल खेल खेल सकते हैं. जैसे कैरम, लूडो, पजल या कोई ऐसा गेम जिसमें बच्चे को सोचने और बातचीत करने का मौका मिले.

बोरियत को हमेशा खराब न समझें

बच्चे का बोर होना अपने आप में कोई समस्या नहीं है. खाली समय में बच्चा अपनी पसंद की चीजें खोज सकता है और खुद से खेलने की आदत विकसित कर सकता है. इसलिए अगली बार बच्चा कहे, “मुझे बोर हो रहा है”, तो तुरंत मोबाइल हाथ में देने की बजाय उससे कहें, “चलो, आज तुम खुद सोचो कि क्या करना है.” जरूरत पड़ने पर आप कुछ विकल्प जरूर दे सकते हैं, लेकिन हर बार मनोरंजन की जिम्मेदारी मोबाइल या माता-पिता की नहीं होनी चाहिए. बच्चे को अपने खाली समय को संभालना भी धीरे-धीरे सीखने दें.



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