बुढ़ापे में पैसों की तंगी हर किसी के लिए मुसीबत का सबब बनती है. अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो कुछ न कुछ पेंशन बन जाती है. लेकिन गांव के बुजुर्ग जो जीवनभर खेतों में काम करते हैं, मजदूरी करते हैं, उनके पास कुछ नहीं बचता. और बुजुर्ग होने पर उनके लिए सबसे बड़ी आफत होती है. बीमार पड़ें तो टेंशन, खाने-पीने के लिए पैसों की टेंशन… लेकिन अमेरिका में अब ऐसे लोगों के लिए भी पेंशन प्लान आ रहा है.यानी वे भी पेंशन पाने के हकदार होंगे, ठीक उसी तरह जैसे नौकरीपेशा लोगों को पेंशन मिलती है. इस प्लान का नाम सेवर मैच (Saver’s Match) होगा, जो 2027 से लागू होगा. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत भी इस तरह के प्लान की ओर बढ़ रहा है, लेकिन क्या ये संभव है?
पहले जानते हैं कि अमेरिका सेवर मैच प्लान है क्या? सरकार का कहना है कि इस प्लान के तहत अगर कोई अमेरिकी नागरिक 401(k), IRA या दूसरे योग्य रिटायरमेंट खाते में पैसा जमा करता है तो सरकार भी उसके खाते में पैसा डालेगी. मान लीजिए आपने बुढ़ापे के लिए पैसा बचाया तो सरकार भी उसमें पैसा डालेगी. वह भी छोटी मोटी रकम नहीं, पूरे के पूरे 10000 डॉलर तक जमा कर सकती है. सबसे बड़ी बात, अगर आप एक रुपया भी टैक्स नहीं देते हैं, कहीं नौकरी नहीं करते हैं तो भी आपको सरकार यह फायदा देगी.
पहले समझिए 401(k) क्या?
अमेरिका में 401(k) को आप भारत के नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) जैसा समझ सकते हैं. नौकरी करने वाला व्यक्ति अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा इस खाते में डालता है. यह पैसा लंबे समय के लिए निवेश होता है और नौकरी खत्म होने के बाद खासकर बुढ़ापे में उसके काम आता है.
मान लीजिए कोई अमेरिकी कर्मचारी हर महीने 3000 डॉलर कमाता है. वह हर महीने 100 डॉलर रिटायरमेंट खाते में जमा करेगा. तो साल भर में उसकी अपनी बचत 1200 डॉलर हुई. क्योंकि सरकार इसमें एक हजार डॉलर मिलाएगी. कुछ कंपनियां अपनी तरफ से भी कर्मचारी के 401(k) खाते में पैसा मिलाती हैं. इसे इम्प्लायर मैच कहा जाता है.
सरकार कितना पैसा देगी?
सरकार कर्मचारी की सालाना रिटायरमेंट सेविंग के पहले 2000 डॉलर तक पर अधिकतम 50 प्रतिशत का मैच देगी. इसलिए सरकार की तरफ से मिलने वाली अधिकतम रकम 1000 डॉलर सालाना होगी.
मान लीजिए अगर आपने साल में 500 डॉलर जमा किए तो अधिकतम 250 डॉलर का सरकारी मैच मिल सकता है. 1000 डॉलर जमा किए तो अधिकतम 500 डॉलर और 2000 डॉलर जमा किए तो अधिकतम 1000 डॉलर सरकार देगी.
क्या आपको भी बचाना होगा?
यह कोई ऐसी योजना नहीं है जिसमें सरकार आपको हर साल सीधे 1,000 डॉलर मुफ्त में बैंक खाते में डाल देगी. पहले आपको खुद रिटायरमेंट के लिए पैसा जमा करना होगा. मान लीजिए किसी व्यक्ति ने साल में 2000 डॉलर बचाए. अगर वह पूरी 50 प्रतिशत मैच श्रेणी में आता है तो सरकार 1000 डॉलर और जोड़ सकती है. अब उसके रिटायरमेंट खाते में सिर्फ उसकी 2000 डॉलर की बचत नहीं होगी, बल्कि सरकारी योगदान मिलाकर 3000 डॉलर हो सकते हैं. इसके बाद इस पैसे का निवेश होता रहेगा. समय के साथ निवेश से होने वाला रिटर्न भी खाते में जुड़ सकता है. योजना का मकसद है कि कम उम्र से थोड़ी-थोड़ी बचत करके बुढ़ापे के लिए बड़ा फंड तैयार करना.
कर्मचारी से कितना पैसा लिया जाएगा?
सरकार आपके वेतन से अलग से कोई नया पैसा नहीं काटेगी. आप खुद तय करेंगे कि 401(k) में कितना पैसा डालना है. मान लीजिए किसी की सैलरी 3000 डॉलर महीने है और वह 5 प्रतिशत 401(k) में डालता है. तो लगभग 150 डॉलर महीने उसकी रिटायरमेंट बचत में जा सकते हैं. यह रकम उसकी सैलरी से पहले ही काटकर 401(k) खाते में भेजी जा सकती है.
अमेरिका में कई 401(k) योजनाओं में कर्मचारी को ऑटोमैटिक रूप से भी शामिल किया जा सकता है. ऐसी व्यवस्था में कर्मचारी की सैलरी से तय प्रतिशत अपने आप रिटायरमेंट खाते में चला जाता है, हालांकि कर्मचारी को इससे बाहर निकलने या प्रतिशत बदलने का विकल्प दिया जाता है. यानी यह समझना जरूरी है कि सरकार के 1,000 डॉलर पाने के लिए आपको पहले अपनी तरफ से बचत करनी होगी.
सरकार का पैसा जेब में आएगा या खाते में?
सेवर मैच का रूल है कि सरकार का पैसा सीधे पात्र व्यक्ति के चुने हुए रिटायरमेंट खाते या योजना में जाएगा. यह सामान्य तौर पर हाथ में मिलने वाली कैश रकम नहीं है. 2027 की बचत के लिए व्यक्ति 2028 में अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय सेवर मैच का दावा करेगा. इसके लिए Form 8880-A इस्तेमाल किया जाना है. यानी 2027 में आप बचत शुरू करेंगे. 2028 में टैक्स रिटर्न में शो करेंगे. फिर जांच होगी और सरकार आपके रिटायरमेंट खाते में पैसा डालना शुरू करेगी.
बुढ़ापे में यह पैसा कैसे काम आएगा?
इसे गांव के उस व्यक्ति की तरह समझिए जो खेती से हर साल थोड़ा अनाज बचाकर अलग रखता है. हर साल थोड़ा-थोड़ा बचाया गया अनाज अकाल या खराब मौसम में काम आता है. इसी तरह व्यक्ति अपनी कमाई का कुछ हिस्सा रिटायरमेंट खाते में रखता है. सरकार भी पात्र लोगों की बचत में पैसा जोड़ती है. फिर साल-दर-साल पैसा निवेश होता है.जब व्यक्ति बुजुर्ग हो जाता है और नौकरी की कमाई बंद हो जाती है, तब यही जमा रकम उसके खर्च में मदद करती है. सबसे खास बात, यह पैसा निकालने पर कोई टैक्स भी नहीं देना होगा.
भारत क्या इसे अपनाएगा?