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Kota Railway Station Redevelopment: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 207.63 करोड़ रुपये की लागत से कोटा रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है. डीआरएम अनिल कालरा के अनुसार 400 से अधिक कर्मचारी दिन-रात दो पारियों में काम कर रहे हैं. प्लेटफॉर्म 4 का काम पूरा हो चुका है और प्लेटफॉर्म 3 पर काम जारी है. इसके बाद स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर, वीआईपी लाउंज, बजट होटल और पार्किंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. काम की गति तेज कर दी गई है और रेलवे ने इस पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का नया लक्ष्य रखा है.
Amrit Bharat Station: कोटा जंक्शन पर दिखेगा बड़ा बदलाव, 207 करोड़ से बन रहा आधुनिक स्टेशन, यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
Kota: राजस्थान के प्रमुख शहर कोटा के निवासियों और यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और शानदार खबर है. अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत कोटा रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है. इस मेगा प्रोजेक्ट पर लगभग 207.63 करोड़ रुपये की भारी भरकम लागत आ रही है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाना और यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है. रेलवे प्रशासन इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है. निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है.
डीआरएम अनिल कालरा ने स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है. इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए 400 से अधिक कर्मचारी दिन-रात दो पारियों में जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं. कार्य को व्यवस्थित रूप से अंजाम देने के लिए रेलवे ने ब्लॉक सिस्टम अपनाया है. इसके तहत प्लेटफॉर्म नंबर 4 का ब्लॉक लेकर उसका काम पूरी तरह से खत्म किया जा चुका है. अब प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर ब्लॉक लेकर निर्माण कार्य बहुत ही तीव्र गति से किया जा रहा है. योजना के अनुसार इसके बाद प्लेटफॉर्म नंबर 2 का नंबर आएगा और फिर दिवाली के बाद प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर भी ब्लॉक लेकर काम को अंजाम दिया जाएगा.
मिलेगी एयरपोर्ट जैसी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं
पुनर्विकास का यह काम पूरा होने के बाद कोटा रेलवे स्टेशन का नजारा पूरी तरह से बदल जाएगा. यात्रियों को यहां अत्याधुनिक और शानदार सुविधाएं मिलेंगी जो अक्सर एयरपोर्ट पर देखने को मिलती हैं. स्टेशन परिसर में नई लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे ताकि यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने में कोई परेशानी न हो. इसके अलावा यात्रियों के आराम के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय और वीआईपी लाउंज का भी निर्माण किया जा रहा है. रुकने की व्यवस्था के लिए डोरमेट्री जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं. दिव्यांग यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए विशेष और सुगम व्यवस्थाएं की जाएंगी ताकि उन्हें सफर में किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े.
बजट होटल और पार्किंग की बेहतरीन व्यवस्था
यात्रियों की सुविधाओं को और विस्तार देते हुए स्टेशन के बाहर के सर्कुलेटिंग एरिया का भी सौंदर्यीकरण और विस्तार किया जा रहा है. वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक बड़ी और आधुनिक पार्किंग बनाई जा रही है. योजना के हिस्से के रूप में एक बजट होटल का भी निर्माण किया जाएगा जिससे बाहर से आने वाले यात्रियों को ठहरने में आसानी होगी. सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए पूरे स्टेशन परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा. ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए सोलर प्लांट भी लगाया जा रहा है जो इस योजना का एक अहम हिस्सा है.
दिसंबर 2026 तक काम पूरा होने का लक्ष्य
यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कोटा रेलवे स्टेशन पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस हो जाएगा. इससे न केवल कोटा शहर बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा. आपको बता दें कि स्टेशन के पुनर्विकास का यह बड़ा काम नवंबर 2022 में शुरू हुआ था और इसे मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में यह कार्य पूरा नहीं हो सका. अब निर्माण कार्य ने एक बार फिर से तेज गति पकड़ ली है और रेलवे प्रशासन ने दिसंबर 2026 तक इस पूरे प्रोजेक्ट को हर हाल में पूरा करने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है.