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रेलवे पुलिस ने 6 रोहिंग्या मुसलमानों को गिरफ्तार किया है. इनमें से 2 लड़के और 4 लड़किया हैं. दोनों लड़के इन लड़कियों को अवैध तरीके से बांग्लादेश से भारत में लेकर आए थे. इनमें 2 लड़कियां नाबलिग हैं. चारों की जम्मू कश्मीर किसी से शादी करवाने की प्लानिंग थी. ग्वालियर की रेलवे पुलिस ने बताया कि महिलाओं को सिर्फ बंगाली और रोहिंग्याई भाषा आती है, इसलिए पूछताछ में अभी दिक्कत है.
रेलवे पुलिस की हिरासत में रोहिंग्या मुसलमान.
ग्वालियर. रेलवे पुलिस ने दो रोहिंग्या मुसलमानों को गिरफ्तार किया है. ये दोनों बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों से महिलाओं को भारत लाते थे और फिर उनकी अलग-अलग लोगों से शादी करवाते थे. GRP ने बांग्लादेश के कुतुपालोंग रिफ्यूजी कैंप से अवैध रूप से भारत में लाई जा रही म्यांमार की 4 महिलाओं को भी पकड़ा है. पकड़े गए सभी विदेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर फर्जी तरीके से रह रहे थे. जीआरपी कंट्रोल रूम भोपाल से सूचना मिली थी कि स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के जनरल कोच में म्यांमार का रहने वाला एक संदिग्ध लड़का ट्रैवल कर रहा है, जो लड़कियों की भारत में तस्करी कर शादी करवाते हैं.
सूचना पर जीआरपी थाना प्रभारी दीपशिखा सिंह तोमर ने अपनी टीम के साथ ट्रेन में चेकिंग अभियान चलाया और हुलिए के आधार पर आरोपी म्यांमार के रहने वाले मुबीन को हिरासत में लिया. मुबीन भारत में हैदराबाद में रहता है. पूछताछ में आरोपी मुबीन ने बताया कि उसका साथी मो. हसन म्यांमार में रहने वाली महिलाओं को लेकर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक किराए के मकान में रुका हुआ है. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने अलीगढ़ में दबिश देकर मो. हसन के कब्जे से चार लड़कियों को छुड़ाया. इन में 2 नाबालिग लड़कियां भी हैं.
महिलाओं को केवल रोहिंग्या/स्थानीय भाषा आती थी, जिससे भाषा संबंधी समस्या आई. इसके बाद पुलिस ने गूगल ट्रांसलेटर और द्विभाषी की मदद से पूछताछ की. पूछताछ में सामने आया कि महिलाओं को बांग्लादेश के कुतुपालोंग रिफ्यूजी कैंप से उनके पेरेंट्स की सहमति बताकर नदी और पहाड़ों के दुर्गम रास्तों से अवैध रूप से भारतीय सीमा में एंट्री कराई गई थी.
जम्मू कश्मीर में करवाने वाले थे शादी
आरोपी इनकी शादी जम्मू एवं श्रीनगर में कराने की योजना बना रहे थे. पुलिस ने सभी 6 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है. रोहिंग्या और म्यांमार की युवतियों की पकड़े जाने के बाद इंटेलिजेंस एजेंसी सक्रिय हो गई है. इस पूरे मामले पर ग्वालियर रेलवे स्टेशन की थाना प्रभारी दीपशिखा सिंह तोमर ने विस्तार से बताया.
पूछताछ में 4 लड़कियों का पता लगाया
दीपशिखा सिंह ने कहा, “हमने चार बच्चियां और दो पुरुषों को पकड़ा, जो म्यांमार के रहने वाले हैं. जो पहाड़, जंगल और यह अपना नदी के सहारे बॉर्डर पार करके भारत में प्रवेश किया था. हमको एक सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति कुछ लड़कियों को लेकर ट्रेन से जा रहा है. जिसमें हमने ट्रेन को चेक किया तो हमें वह एक व्यक्ति मिला. उसके पास से बच्चियां नहीं मिली थीं. हमने उससे पूछताछ की गई तो उसने अपने साथी का नाम लिया कि बच्चियां उसके पास में हैं. तो हमने उसके साथी को भी पकड़ा, साथ में चारों बच्चियां उसके साथ में मिली.”
दुभाषिए और गूगल ट्रांसलेटर के जरिए होगी आगे की पूछताछ
दीपिशिखा ने आगे कहा, “लड़के दोनों अभी हैदराबाद में रह रहे थे. बच्चियां म्यांमार की रहने वाली हैं. कॉक्स बाज़ार कुटुपलोंग रिफ्यूजी कैंप बांग्लादेश में रह रही थीं. इनके साथ लैंग्वेज का इशू है. वहां की लोकल भाषा और बंगाली भाषा समझते हैं, वही बोल पाते हैं. तो हमने गूगल ट्रांसलेटर और दुभाषिए के लिए लेटर लिखा है, जिससे विस्तार से पूछताछ हो सके. प्रथम दृष्टया हमको यही चीजें संज्ञान में आई हैं कि यह लोग बच्चियों को शादी करने के लिए जम्मू लेकर जा रहे थे.”