Jamui News : जमुई में दो प्रसूताओं की मौत के बाद डॉ. शालिनी सिंह के क्लिनिक पर रेड, रातोंरात हुआ सील

Jamui News : जमुई में दो प्रसूताओं की मौत के बाद डॉ. शालिनी सिंह के क्लिनिक पर रेड, रातोंरात हुआ सील


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Jamui News : जमुई सदर अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत के बाद जिला प्रशासन ने डॉ. शालिनी सिंह के निजी क्लिनिक पर बड़ी कार्रवाई की है. मंत्री श्रेयसी सिंह की फटकार और परिजनों की शिकायत के बाद एसडीएम सौरभ कुमार के नेतृत्व में रात में क्लिनिक पर छापेमारी की गई. करीब पांच घंटे चली कार्रवाई के बाद क्लिनिक को सील कर दिया गया.

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करीब पांच घंटे चली कार्रवाई के बाद क्लिनिक को सील कर दिया गया.

जमुई. जमुई सदर अस्पताल जमुई में दो प्रसूताओं की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. मंत्री श्रेयसी सिंह की फटकार और परिजनों की शिकायत के बाद प्रशासन ने डॉ. शालिनी सिंह के निजी क्लिनिक पर रात में छापेमारी की. करीब पांच घंटे चली कार्रवाई के बाद प्रशासन ने क्लिनिक को सील कर दिया. बताया जा रहा है कि क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन फेल था और संचालन में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था.

छापेमारी की कार्रवाई जमुई एसडीएम सौरभ कुमार के नेतृत्व में की गई. प्रशासन की टीम जब डॉ. शालिनी सिंह के क्लिनिक पहुंची तो वह वहां मौजूद नहीं मिलीं. बताया गया कि टीम को देखते ही डॉक्टर अपने आवास में चली गईं और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. काफी देर तक खोजबीन के बाद भी वह छापेमारी टीम के सामने नहीं आईं. बाद में IMA के सदस्यों की पहल के बाद डॉ. शालिनी सिंह टीम के सामने पहुंचीं.

छापेमारी में बाधा डालने पर दो कंपाउंडर हिरासत में

प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर छापेमारी में बाधा डालने के आरोप में दो कंपाउंडर को हिरासत में लिया गया. प्रशासन की टीम ने क्लिनिक से जुड़े दस्तावेज और व्यवस्थाओं की जांच की. जांच के दौरान रजिस्ट्रेशन से जुड़ी खामियां सामने आने के बाद क्लिनिक को सील कर दिया गया.

दो प्रसूताओं की मौत के बाद उठे सवाल

दरअसल, सदर अस्पताल जमुई में दो प्रसूताओं की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाए थे. परिजनों का आरोप था कि उन्होंने कई बार डॉ. शालिनी सिंह से सदर अस्पताल आकर मरीजों को देखने का आग्रह किया, लेकिन वह अस्पताल नहीं पहुंचीं. इसके बाद मामले को लेकर परिजनों ने जिला प्रशासन को आवेदन दिया. मामला सामने आने के बाद मंत्री श्रेयसी सिंह भी सदर अस्पताल पहुंचीं और अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई. मंत्री ने पूरे मामले की जानकारी ली और कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद जिला प्रशासन ने परिजनों के आवेदन के आधार पर जांच और कार्रवाई शुरू की.

लाइसेंस और नियमों को लेकर भी सवाल

जिला प्रशासन की कार्रवाई में यह बात सामने आने की जानकारी दी गई कि डॉ. शालिनी सिंह के निजी क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन फेल था. इसके अलावा क्लिनिक के संचालन में निर्धारित नियमों के पालन को लेकर भी सवाल पाए गए. प्रशासन ने जांच के बाद क्लिनिक को सील कर दिया. जमुई एसडीओ सौरभ कुमार ने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर जानकारी दी. वहीं IMA जमुई के अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार भी मौके पर मौजूद रहे. अब प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट होगा कि क्लिनिक के संचालन और सदर अस्पताल में हुई दोनों प्रसूताओं की मौत के मामले में जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है.



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