मिल जाएगी पापों से मुक्ति..इंदिरा एकादशी पर कर लें ये काम, पंडित जी से जानिए
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Indira ekadashi shubh muhurat : इंदिरा एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित है. इस दिन लोग पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं. इंदिरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के पाप कर्मों का नाश होता है. लोकल 18 से अयोध्या के पंडित सीताराम दास बताते हैं कि उदया तिथि के आधार पर इंदिरा एकादशी का व्रत मंगलवार, 6 अक्टूबर को रखा जाएगा. व्रती को सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए. भगवान विष्णु का जलाभिषेक करने के बाद उन्हें पीले चंदन, पीले फूल, पीले फल और तुलसी दल अर्पित करें. भगवान को लगाए जाने वाले भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें. पूजा के अंत में भगवान से जाने-अनजाने हुई भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करनी चाहिए.
अयोध्या. हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए बेहद शुभ माना गया है. सालभर में कई एकादशियां पड़ती हैं. सभी का अपना अलग धार्मिक महत्व है. इन्हीं में से एक इंदिरा एकादशी है. इस दिन श्रद्धालु भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इंदिरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के पाप कर्मों का नाश होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. लोकल 18 से अयोध्या के पंडित सीताराम दास बताते हैं कि आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 अक्टूबर की रात 2 बजकर 47 मिनट से शुरू होगी और 7 अक्टूबर की रात 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर इंदिरा एकादशी का व्रत मंगलवार, 6 अक्टूबर को रखा जाएगा. इस दिन सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 10 बजकर 17 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा. धार्मिक दृष्टि से इस योग को शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है.
कैसे करें पूजा
पंडित सीताराम दास बताते हैं कि इंदिरा एकादशी के दिन व्रती को सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए. इसके बाद पूजा स्थल को साफ करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. भगवान विष्णु का जलाभिषेक करने के बाद उन्हें पीले चंदन, पीले फूल, पीले फल और तुलसी दल अर्पित करें. पूजा के दौरान व्रत का संकल्प लें और श्रद्धा के साथ इंदिरा एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें. इसके बाद घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें. भगवान को लगाए जाने वाले भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें. शाम के समय व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार फलाहार कर सकते हैं.
बनी रहेगी समृद्धि
धार्मिक मान्यता के अनुसार इंदिरा एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. व्रत रखने वाले और सामान्य रूप से पूजा करने वाले लोगों को भी इस दिन चावल से परहेज करने की परंपरा बताई गई है. भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी शुभ माना जाता है. पूजा के अंत में भगवान से जाने-अनजाने हुई भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करनी चाहिए. इंदिरा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को पाप कर्मों से मुक्ति मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है. भगवान विष्णु की आराधना से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है.
इस व्रत को संतान की कामना रखने वाले दंपतियों के लिए भी विशेष माना गया है. मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक इंदिरा एकादशी का व्रत करने से संतान संबंधी मनोकामना पूरी हो सकती है. एकादशी व्रत को मोक्ष प्रदान करने वाला भी बताया गया है. मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है. अगले दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण किया जाता है.