अयोध्या दीपोत्सव में खास होगा शिला पट, पत्थरों पर दिखेगी राम के अयोध्या लौटने की पूरी कहानी

अयोध्या दीपोत्सव में खास होगा शिला पट, पत्थरों पर दिखेगी राम के अयोध्या लौटने की पूरी कहानी


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Ayodhya Diwali Special: अयोध्या में दीपावली और दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस बार दीपोत्सव स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए खास शिला पट तैयार किया गया है. इस पर भगवान श्रीराम के 14 साल का वनवास पूरा करने के बाद अयोध्या लौटने और उनके स्वागत में दीप जलाने की कहानी को उकेरा गया है.

अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में दीपावली और दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं.इस बार दीपोत्सव स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए एक खास शिला पट तैयार किया गया है, जो आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है. इस शिला पट पर प्रभु श्रीराम के 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद दीपावली के अवसर पर अयोध्या लौटने की ऐतिहासिक और धार्मिक गाथा को उकेरा गया है. शिला पट के माध्यम से रामायण कालीन प्रसंगों को जीवंत रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया है.

दीपोत्सव स्थल पर बनाए गए शिला पथ और शिला पट पर प्रभु राम के अयोध्या आगमन से जुड़ी कथा को अंकित किया गया है.इसमें वनवास की अवधि पूरी होने के बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने और उनके स्वागत में अयोध्यावासियों द्वारा दीप जलाए जाने के प्रसंग को प्रमुखता से दर्शाया गया है. श्रद्धालु इस शिला पट के जरिए दीपावली से जुड़ी इस धार्मिक और ऐतिहासिक कथा को करीब से जान सकेंगे.

अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि राम की पैड़ी क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं. इसी क्रम में दीपोत्सव स्थल पर यह शिला पट लगाया गया है. इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है. उन्होंने बताया कि दीपोत्सव की तैयारियां भी युद्धस्तर पर चल रही हैं और आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है.

इस बार दीपोत्सव में 30 लाख से अधिक दीपक जलाने की तैयारी है.इसके साथ ही 2100 ड्रोन के जरिए भव्य ड्रोन शो भी प्रस्तावित है. 2100 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा एक साथ आरती का आयोजन भी दीपोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगा. आयोजन के दौरान रामायण कालीन प्रसंगों और दृश्यों को भी विशेष रूप से सजाया जा रहा है.

दीपोत्सव स्थल पर तैयार किया गया शिला पट श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा से जोड़ने के साथ ही रामनगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित करेगा.ऐसे में इस बार अयोध्या का दीपोत्सव धार्मिक आस्था, परंपरा, संस्कृति और आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम के रूप में नजर आने वाला है.



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