अश्लेषा नक्षत्र में गुरु का प्रवेश! 3 राशियों को दिक्कत, आचार्य ने बताए उपाय
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Guru Gochar 2026: 8 अक्टूबर 2026 को गुरु अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे. इस दौरान सिंह राशि के जातकों के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. साहस और आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है, जिससे अपनी बात रखने में दिक्कत आएगी. कार्यक्षेत्र में निर्णयों को लेकर दबाव बढ़ सकता है. भाग्य का अपेक्षित साथ नहीं मिलेगा.
उज्जैन. वैदिक ज्योतिष में गुरु बृहस्पति को ज्ञान, भाग्य, धर्म और संतान का प्रमुख कारक माना जाता है. वर्तमान में गुरु कर्क राशि में स्थित हैं और अश्लेषा नक्षत्र के तीसरे चरण में चल रहे हैं. 8 अक्टूबर को गुरु अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, नक्षत्र चरण में होने वाला यह बदलाव कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां पैदा कर सकता है. इस दौरान निर्णय लेने में असमंजस, कामकाज में रुकावट और योजनाओं में देरी जैसी स्थितियां बन सकती हैं. जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ मानसिक दबाव भी महसूस हो सकता है. आर्थिक मामलों में भी सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी.
तीन राशियों को रहना होगा सतर्क
मिथुन- इस राशि के जातकों के लिए गुरु का अश्लेषा में प्रवेश कुछ परेशानी ला सकता है. नौकरी और कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ने से तनाव महसूस हो सकता है. अधिकारियों से किसी बात को लेकर मतभेद होने की आशंका है और जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. सहकर्मियों से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर काम प्रभावित हो सकता है. व्यापार में नए अवसरों को लेकर सावधानी बरतनी होगी. पारिवारिक मामलों में मतभेद उभर सकते हैं. जीवनसाथी के साथ छोटी बातों पर अनबन होने से रिश्तों में खटास आ सकती है.
सिंह- इस राशि के जातकों के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. साहस और आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है, जिससे अपनी बात रखने में परेशानी आएगी. कार्यक्षेत्र में फैसलों को लेकर दबाव बढ़ सकता है और भाग्य का अपेक्षित साथ नहीं मिलेगा. साझेदारी के कारोबार में मतभेद के कारण नुकसान की आशंका है. पार्टनर से पुरानी अनबन बढ़ सकती है. प्रेम जीवन में भी तनाव रहेगा और रिश्ते में गलतफहमियां बढ़ने से दूरी की स्थिति बन सकती है.
धनु- गुरु बृहस्पति का यह परिवर्तन धनु राशि के जातकों के लिए परेशानियां बढ़ा सकता है. अविवाहित लोगों के विवाह संबंधी मामलों में देरी हो सकती है. अच्छे प्रस्ताव हाथ से निकलने की आशंका रहेगी. दांपत्य जीवन में छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव बढ़ सकता है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में दबाव और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलने से निराशा हो सकती है. जरूरी काम अटक सकते हैं और नई जिम्मेदारियां बढ़ने की संभावना है.
इन उपायों से मिल सकती है राहत
ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने कहा कि गुरु दोष के निवारण के लिए पानी में हल्दी मिलाकर स्नान करें. रोजाना या फिर गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा करें. ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः’ या ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ गुरु मंत्रों का जाप करें. इसके अलावा गुरुवार को पीली वस्तुओं जैसे- दाल और वस्त्रों का दान करें. केले के पेड़ की पूजा करें और गुरुजनों का सम्मान करें.