Bihar: 10000000 महिलाओं के घर झूमकर आएंगी खुशियां, दिवाली से पहले सम्राट सरकार ने खोला खजाना, पहले फटाफट कर लें ये काम

Bihar: 10000000 महिलाओं के घर झूमकर आएंगी खुशियां, दिवाली से पहले सम्राट सरकार ने खोला खजाना, पहले फटाफट कर लें ये काम


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Bihar News: बिहार की महिलाओं के लिए सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान शुरू किया है. इसका बड़ा लक्ष्य राज्य की 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है. सरकार का फोकस महिलाओं को रोजगार और छोटे कारोबार से जोड़कर उनकी कमाई बढ़ाने पर है. सरकार ने इस अभियान की शुरुआत अगस्त 2026 में की थी.

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बिहार में ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान शुरू. (सांकेतिक तस्वीर AI ने बनाई गई.)

पटनाः बिहार की 1 करोड़ महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. सम्राट चौधरी सरकार ने अगस्त में ही ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान शुरू किया है. सरकार का लक्ष्य राज्य की 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है. इसके लिए महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार, पशुपालन और छोटे कारोबार से जोड़ा जाएगा. साथ ही महिला कारोबारियों को आर्थिक मदद देने की भी तैयारी है. यानी दिवाली से पहले महिलाओं के लिए सरकार का यह बड़ा अभियान पहले ही जमीन पर उतर चुका है.

सरकार की योजना सिर्फ सीधे पैसे देने तक सीमित नहीं है. महिलाओं को अलग-अलग काम और कारोबार से जोड़ने की तैयारी है. इसमें पशुपालन, छोटे उद्योग, निर्माण और सेवा क्षेत्र शामिल हैं. योजना के मुताबिक करीब 60 लाख महिलाओं को पशुपालन और उससे जुड़े छोटे कारोबार से जोड़ने का प्लान है. इसके अलावा महिला-केंद्रित छोटे और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार को बढ़ावा देने की तैयारी है. इससे महिलाओं को गांव में ही कमाई का जरिया मिल सकेगा.

10 लाख महिला उद्यमियों को आर्थिक मदद
सरकार की योजना के तहत करीब 10 लाख महिला उद्यमियों को बैंक और वित्तीय संस्थानों के जरिए 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की बात कही गई है. इसका इस्तेमाल महिलाएं अपना कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे काम को बढ़ाने में कर सकेंगी. इसके अलावा सरकार महिलाओं के बनाए सामान को बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है. सामान बनाने से लेकर उसकी पैकिंग, ब्रांडिंग और बिक्री तक पूरी व्यवस्था तैयार करने की योजना है.

5 लाख महिलाओं को मिल चुके 600 करोड़
सरकार ने अभियान की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिला लाभुकों के खातों में 600 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए ट्रांसफर किए थे. इसके साथ ही जीविका निधि से 10 हजार लाभुकों को ऋण भी दिया गया था. यानी सरकार का मॉडल सिर्फ सहायता राशि देने का नहीं है. महिलाओं को पैसा देकर उन्हें कारोबार शुरू करने और अपनी आमदनी बढ़ाने से जोड़ने पर जोर है.

पहले से करोड़ों महिलाएं जीविका से जुड़ी
बिहार में जीविका के स्वयं सहायता समूहों से बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ी हुई हैं. सरकारी जानकारी के मुताबिक राज्य में 1.81 करोड़ से ज्यादा महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं. इनमें 30 लाख से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं. अब सरकार का लक्ष्य इस संख्या को और बढ़ाना है. सरकार ने साल 2030 तक एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए महिलाओं को स्वरोजगार, पशुपालन, छोटे कारोबार और उद्यम से जोड़ने की तैयारी है.

आपके लिए जरूरी बात
अगर आप जीविका या किसी सरकारी महिला रोजगार योजना से जुड़ी हैं तो अपने स्वयं सहायता समूह की बैठक, बैंक खाता, बचत और जरूरी दस्तावेज अपडेट रखें. दूसरी किस्त जैसे लाभ के लिए प्रोफाइल, समूह की बैठकों में भागीदारी, लगातार बचत, कारोबार की योजना और पहले मिले ऋण की अदायगी जैसे मानकों की भी समीक्षा की जा रही है. हालांकि, दिवाली से पहले हर महिला के खाते में नई रकम आने की कोई आधिकारिक तारीख अभी सामने नहीं है. इसलिए किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले जीविका या संबंधित सरकारी कार्यालय से जानकारी जरूर लें.



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