32 फसल का एक समाधान, इंजीनियरों ने बनाई मल्टी क्रॉप थ्रेसर
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Multi Crop Thresher: एक जमाना था जब लोग अपनी फसल से अनाज निकालने के लिए लाइट वाली थ्रेसर पर निर्भर रहते थे और हफ्तों तक यह सिलसिला चलता रहता था. लेकिन समय बदला धीरे-धीरे कृषि के क्षेत्र में क्रांति आई. पहले ट्रैक्टर से चलने वाली थ्रेसर ने बिजली का यह काम आसान किया और हफ्तों में होने वाले काम दिन भर में निपटाने लगे. लेकिन इस दौरान किसानों के लिए अलग-अलग फसल के लिए अलग-अलग तरह की थ्रेसर का उपयोग करना पड़ रहा था, जो काफी महंगा होता था.
एक थ्रेसर से दो चार तरह की ही फसल से अनाज निकल पाता था. लेकिन अब किसानों की इस समस्या को देखते हुए इंजीनियरों ने गजब की मशीन तैयार की है, जिसमें अब दो चार दस नहीं पूरे 32 प्रकार की फसलों की गहाई की जा सकती है और अगर कभी स्थिति बस कोई गीली फसल से दाने निकालने है तो भी यह कारगर है. इस थ्रेसर का उपयोग करने से समय पैसा और मजदूरी सब कुछ की बचत होती है.
बता दें, मल्टी क्रोप थ्रेशर की वजह से जीरा अजवाइन, धान से लेकर मक्का, सोयाबीन, उड़द, मूंग, चना, मसूर, गेहूं, मटर, सरसों, अरहर, तिली, अलसी जैसी कई तरह की फसलों की गहाई जा सकती है. बस इसमें जालियों को एडजस्ट करने की जरूरत होगी. इस तरह की थ्रेसर का तेजी से चलन भी बढ़ रहा है. यह मल्टी क्रॉप बड़े हॉर्स पावर वाला मशीन होता है और यह है 1 घंटे में लगभग तीन एकड़ तक की फसल की गहाई आसानी से कर देता है.
कृषि अभियांत्रिकी विभाग सागर के कार्यपालन यंत्री ए पी कुजूर बताते हैं कि किसान भाइयों के लिए योजना के माध्यम से आधे दामों में कृषि उपकरण मिल रहे हैं. किसान इस अवसर का लाभ उठाएं ऑनलाइन आवेदन करें और इसमें सब्सिडी पा सकते हैं
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अब यदि किसी को मल्टी क्रोप थ्रेशर खरीदना है तो इसमें 50% अनुदान है जैसे यह थे सर लगभग डेढ़ लाख कीमत का है लेकिन अगर किसी के पास ढाई एकड़ से कम जमीन है. महिला किसान है और एससी-एसटी से हैं तो 125000 तक का अधिकतम अनुदान मिलेगा जो लागत का 50% है.
अब यदि किसी को मल्टी क्रोप थ्रेशर खरीदना है तो इसमें 50% अनुदान है जैसे यह थे सर लगभग डेढ़ लाख कीमत का है लेकिन अगर किसी के पास ढाई एकड़ से कम जमीन है. महिला किसान है और एससी-एसटी से हैं तो 125000 तक का अधिकतम अनुदान मिलेगा जो लागत का 50% है.
अगर किसी के पास 5 एकड़ से अधिक भूमि है तो उसके लिए यह सब्सिडी 40% मिलेगी. उसके लिए 100000 का अनुदान मिलेगा. इसके अलावा और जो दूसरी थ्रेसर है अगर किसान उनको भी खरीदते हैं तो उनमें भी इसी तरह 40 और 50% का अनुदान मिल रहा है.