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Tips To choose Fresh Fish: मछली खाना पसंद है, लेकिन बाजार में इसे खरीदते समय अक्सर समझ नहीं आता कि कौन सी मछली ताजी है और कौन सी कई घंटे या दिन पुरानी? तो ये लेख आपके लिए है. यहां आप उन संकेतों के बारे में जान सकते हैं, जिससे ये पता लग जाता है कि मछली फ्रेश है या नहीं. आइए जानते हैं मछली खरीदते समय किन 7 बातों की जांच करनी चाहिए.
मछली से तेज गंध तो नहीं आ रही- ताजी मछली से बहुत तेज या सड़ी हुई गंध नहीं आती. उसमें हल्की, साफ और समुद्र या पानी जैसी गंध हो सकती है. बहुत तेज ‘फिशी’, खट्टी या खराब गंध मछली के बासी होने का संकेत हो सकती है. मछली के खराब होने पर ट्राइमिथाइलअमाइन नामक रसायन की मात्रा बढ़ने से तेज गंध आने लगती है.
आंखों को जरूर देखें- मछली की आंखें उसकी ताजगी का अच्छा संकेत देती हैं. ताजी मछली की आंखें आमतौर पर साफ, चमकदार और थोड़ी उभरी हुई होती हैं. अगर आंखें धुंधली, धंसी हुई या बेजान दिखाई दें, तो मछली पुरानी हो सकती है.
मछली के मांस को दबाकर देखें- ताजी मछली का मांस सख्त और लचीला होता है. उंगली से हल्का दबाने पर वह जल्दी अपनी पुरानी स्थिति में वापस आ जाता है. अगर दबाने के बाद निशान बना रहे या मांस बहुत नरम लगे, तो यह मछली के लंबे समय से रखे होने का संकेत हो सकता है.
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गलफड़ों का रंग चेक करें- पूरी मछली खरीद रहे हैं तो उसके गलफड़े जरूर देखें. ताजी मछली के गलफड़े आमतौर पर चमकीले लाल या गुलाबी होते हैं. भूरे, स्लेटी या फीके पड़ चुके गलफड़े मछली के पुरानी होने का संकेत दे सकते हैं.
फार्म की या जंगली मछली? फार्म में पाली गई और खुले पानी में पकड़ी गई मछलियों की पोषण संरचना अलग हो सकती है. जंगली मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा अच्छी हो सकती है, जबकि फार्म्ड मछली में कुल फैट की मात्रा अलग हो सकती है. इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार पैकेट पर दी गई जानकारी और लेबल जरूर देखें.
मर्करी की मात्रा पर दें ध्यान- कुछ बड़ी मछलियों में मर्करी की मात्रा अधिक हो सकती है, क्योंकि वे खाद्य श्रृंखला में ऊपर होती हैं. शार्क, किंग मैकेरल और स्वॉर्डफिश जैसी बड़ी मछलियों में मर्करी अपेक्षाकृत अधिक होती है. गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए मछली चुनते समय कम मर्करी वाली किस्मों को चुनें. सैल्मन, सार्डिन और तिलापिया जैसी मछलियों में मर्करी आमतौर पर कम होती है.
फ्रोजन मछली को भी कम न समझें- जरूरी नहीं कि हर बार ताजी मछली ही बेहतर हो. अगर मछली को पकड़ने के तुरंत बाद सही तरीके से फ्रीज किया गया है, तो उसके कई पोषक तत्व अच्छी तरह सुरक्षित रह सकते हैं. कुछ शोधों में ठीक तरह से फ्रीज की गई मछली और बहुत कम समय में बाजार पहुंची ताजी मछली के ओमेगा-3 स्तर में ज्यादा अंतर नहीं पाया गया है. इसलिए फ्रोजन मछली खरीदते समय पैकेट की स्थिति, स्टोरेज और लेबल की जानकारी जरूर जांचें.