लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए शनिवार का दिन अहम रहा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 4.60 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं के लिए 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति और फीस की रकम भेजने की प्रक्रिया शुरू की. सरकार के मुताबिक यह पैसा सीधे छात्रों के बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है.
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ऐसे समय में पढ़ाई कर रही है, जब उसके सामने अपनी पहचान को लेकर कोई संकट नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि पैसे की कमी या किसी दूसरी वजह से किसी छात्र की पढ़ाई न रुके.
पिछले साल 69 लाख छात्रों को 6200 करोड़ रुपये
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में छात्रवृत्ति का दायरा लगातार बढ़ा है. उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 69 लाख छात्रों को लगभग 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई. मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले नौ साल में छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों की संख्या करीब 4 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है. हालांकि, मौजूदा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 65.95 लाख से ज्यादा छात्रों को 4,793 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति और फीस की रकम दी गई है.
2017 से पहले समय पर नहीं मिलती थी छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति का पूरा लाभ समय पर नहीं मिलता था. उन्होंने कहा कि 2016-17 में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति तक नहीं भेजी गई.
योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने व्यवस्था को ऑनलाइन और आसान बनाया है, ताकि छात्रवृत्ति का पैसा सीधे छात्रों तक पहुंचे। सरकार के मुताबिक अब छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को ऑटोमेशन से जोड़ा गया है, जिससे भुगतान में पारदर्शिता और समय पर रकम पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है.
ओम प्रकाश राजभर का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि अगर राजभर को उनके छात्र जीवन में समय पर छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन मिला होता तो वह भी पढ़ाई के बाद आगे बढ़ते और शायद राजनीति में नहीं आते.
सीएम योगी ने कहा कि राजभर ने पढ़ाई के बाद संघर्ष किया और जनता की आवाज उठाने के लिए लंबे समय तक काम किया. उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री बनने से पहले राजभर ने थ्री-व्हीलर और टैक्सी चलाकर भी अपना जीवन आगे बढ़ाया. मुख्यमंत्री ने इसे उनके संघर्ष और मेहनत का नतीजा बताया.
2017 से पहले यूपी की अलग छवि बन गई थी
सीएम योगी ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश की एक अलग छवि बन गई थी. उन्होंने दावा किया कि यूपी से बाहर जाने वाले लोगों को कई बार अपनी पहचान बताने में परेशानी होती थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और खुलेआम गुंडागर्दी की घटनाएं होती थीं. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि कई स्कूलों में शिक्षक नहीं थे और कई जगह स्कूल की इमारतें भी खराब हालत में थीं.
4.60 लाख छात्रों को मिली छात्रवृत्ति
इस कार्यक्रम में अलग-अलग वर्गों के 4.60 लाख से ज्यादा छात्रों को छात्रवृत्ति और फीस की रकम का लाभ मिल रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 छात्रों को 60.01 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति के 1,59,959 छात्रों को 64.54 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 38,084 छात्रों को 11.43 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 छात्रों को 12.06 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि छात्रवृत्ति की रकम सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, ताकि पढ़ाई का खर्च उठाने में उन्हें मदद मिल सके.