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फ्लाईदुबई विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी से सैकड़ों यात्रियों की जान बची. घायल कैप्टन का पहले सऊदी अरब में इलाज हुआ और फिर उन्हें दुबई शिफ्ट किया गया. इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ पाकिस्तानी यूजर्स ने सऊदी अरब की ओर से इजरायली यात्रियों को मेडिकल मदद दिए जाने पर सवाल उठाए.
पाकिस्तानी इनफ्लुएंसर स्मिट मच्छार की क्यों कर रहे बुराई.
Pakistan News: फ्लाईदुबई विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों यात्रियों को बचाने में अहम भूमिका निभाई. हमले में घायल हुए कैप्टन का सऊदी अरब में इलाज हुआ और बाद में उन्हें दुबई शिफ्ट किया गया. लेकिन इस पूरी घटना में कुछ पाकिस्तानियों को शायद सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात से हुई कि आखिर ये विमान क्रैश क्यों नहीं हुआ. इसके साथ ही यह भी शायद दुख का कारण है कि सऊदी अरब ने विमान में सवार इजरायली यात्रियों को भी मेडिकल मदद दे दी. सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी इनफ्लुएंसर के भड़काऊ बयानों ने दिखा दिया है कि पाकिस्तान के लोगों की सोच कैसी है. एक व्यक्ति ने पूछा कि आखिर ‘उम्मा किस दिशा में जा रही है?’ यानी किसी की जान बचाने के लिए इलाज देना भी अब कुछ लोगों को नागवार गुजर रहा है. इतना ही नहीं, भारतीय पायलट स्मित मच्छार को लेकर पजीत और उनके नाम को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. जिस बहादुरी की तारीफ होनी चाहिए थी, उस पर कुछ पाकिस्तानी यूजर्स नफरत का चश्मा चढ़ाकर बैठ गए हैं.
दरअसल, सऊदी अरब ने विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद घायल यात्रियों को मेडिकल सहायता दी. इनमें इजरायली यहूदी यात्री भी शामिल थे. बस फिर क्या था, कुछ पाकिस्तानी यूजर्स को यह बात इतनी चुभी कि सऊदी अरब के इस कदम पर ही सवाल खड़े करने लगे. सोशल मीडिया पर पूछा गया, ‘बुर्के में महिलाएं इजरायली लोगों का इलाज करती हैं, आखिर उम्मा किस दिशा में जा रही है?’ यानी किसी घायल इंसान का इलाज करने से पहले उसकी राष्ट्रीयता और धार्मिक पहचान देखी जानी चाहिए थी. कम से कम इन बयानों से तो यही सोच झलकती है.
Pakistanis are unhappy that Saudis provided medical treatment to Israeli passengers. They say: ‘Where is the Ummah heading?’. He even calls Smit Machchar the Hero as “Pajeet”. Pakistani hatred, contempt, jealousy and poisonous rhetoric has no end! pic.twitter.com/wUvlEK9EYu