‘भारतीय दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं’: कैप्टन स्मित मछार से बोले पीएम मोदी – PM Narendra Modi to Captain Smit Mchchhar

‘भारतीय दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं’: कैप्टन स्मित मछार से बोले पीएम मोदी – PM Narendra Modi to Captain Smit Mchchhar


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भारतीय दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं – पीएम मोदी

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Captain Smit Machchhar: पूरी दुनिया जब आपके साहस की तारीफ कर रहा हो तो आपके लिए इससे ज्‍यादा गर्व का क्षण कुछ और नहीं हो सकता है. और जब प्रधानमंत्री खुद फोन कर आपका हालचाल जानें तो समझ जाइए कि उस देश के लिए आपकी अहम‍ियत कितनी ज्‍यादा है. फ्लाईदुबई के तकरीबन पौने दो सौ यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्‍टन स्मित मछार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्‍टन स्मित मछार से बात की है.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बात की और उनके साहस, सूझबूझ तथा संयम की सराहना की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कैप्टन ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए जो प्रयास किया, उस पर पूरे देश को गर्व है. उन्होंने कहा कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत की शुरुआत कैप्टन स्मित मछार के स्वास्थ्य के बारे में पूछकर की. उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है. उनके स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय जाप भी किया जा रहा है. मोदी ने कहा कि कैप्टन के साहस, सूझबूझ और कठिन परिस्थिति में धैर्य बनाए रखने की क्षमता ने कई लोगों की जान बचाने में मदद की.

पीएम मोदी ने कहा कि आप अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उस समय आपको अपनी जान की चिंता नहीं थी. आप दूसरे लोगों की जिंदगी बचाने के बारे में सोच रहे थे. बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मछार ने घटना के समय अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि वह विमानन क्षेत्र में 17 वर्षों से काम कर रहे हैं और कैप्टन के रूप में उन्हें 11 साल का अनुभव है. इसी अनुभव के कारण वह उड़ान के दौरान पैदा हुई स्थिति को समझ सके और समय रहते जरूरी कदम उठाने का प्रयास किया. कैप्टन ने कहा कि जब उन्हें एहसास हुआ कि विमान नीचे जा रहा है, तब उन्होंने आखिरी बार दरवाजा खोलने की कोशिश की और इसमें सफल रहे. इसके बाद अन्य लोग भी बाहर निकल सके. उन्होंने इस घटना में दूसरे लोगों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया.

कैप्‍टर स्‍म‍ित मछार ने कहा, ‘उस समय मैं अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा था, लेकिन मुझे पता था कि मैं दूसरे लोगों को मरने नहीं दूंगा.’ कैप्टन ने बताया कि इसके बाद से उन्हें चिकित्सा सहायता और देखभाल मिल रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताते हुए कहा कि उनसे बात करके उन्हें गर्व महसूस हो रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि वह जल्द स्वस्थ हो जाएंगे. बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें सांत्वना दी और सहज करने का प्रयास किया. मोदी ने उनकी मां गीता बेन द्वारा दिए गए संस्कारों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे को अच्छे मूल्य दिए हैं. कैप्टन ने बताया कि जब उन्हें सकारात्मकता की जरूरत होती है या दर्द महसूस होता है, तो वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि पूजा करते समय अपने दो साल के बेटे को गोद में लेकर हनुमान चालीसा पढ़ते हैं. उन्होंने कहा कि देश से दूर रहने के बावजूद अपनी संस्कृति से जुड़े रहना जरूरी है. प्रधानमंत्री मोदी उनकी बात से सहमति जताई और कहा कि देशभर में उनकी सुरक्षा और लंबी उम्र के लिए प्रार्थनाएं, पूजा और आरती की जा रही हैं. उन्होंने कैप्टन को ‘वीर पुरुष’ बताते हुए कहा कि पूरा देश उनका स्वागत करने के लिए उत्साहित है.

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अबू धाबी सरकार को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कैप्टन से कहा कि जरूरत पड़ने पर वह उनसे कभी भी संपर्क कर सकते हैं. मोदी ने कहा कि उनके प्रयासों ने न केवल लोगों की जान बचाई, बल्कि भारतीय पायलटों के प्रति देश और दुनिया की धारणा के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. गांधी जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी कैप्‍टन के साहस की सराहना करते हुए कहा कि मैं आपको बधाई देना चाहता हूं. आज गांधी जयंती है और अहिंसा क्या होती है, यह आपने साबित किया है. कैप्टन स्मित ने कहा कि वह अपने इस कार्य को केवल ड्यूटी नहीं, बल्कि एक यात्रा के रूप में देखते हैं. प्रधानमंत्री ने उन्हें जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं. बातचीत के दौरान मोदी ने गुजराती भाषा में भी उनसे संवाद किया.

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