Churu Cyber Fraud: व्हाट्सएप पर जोड़ा, फर्जी कंपनी का सदस्य बनाया और फिर लगा दिया 43.90 लाख का चूना

Churu Cyber Fraud: व्हाट्सएप पर जोड़ा, फर्जी कंपनी का सदस्य बनाया और फिर लगा दिया 43.90 लाख का चूना


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Churu Cyber Fraud: चूरू में शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर एक व्यक्ति से 43.90 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है. ठगों ने WhatsApp ग्रुप के जरिए फर्जी ट्रेडिंग प्रोफाइल बनाकर लाखों का मुनाफा दिखाया और 1.20 करोड़ रुपए के ब्याज मुक्त लोन का लालच दिया. साइबर थाना पुलिस ने जांच के बाद गुजरात से 50 वर्षीय आरोपी दक्षेष कुमार पटेल को गिरफ्तार किया है.

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चूरू. शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर चूरू के एक व्यक्ति से 43.90 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने मामले में गुजरात से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, आरोपी की पहचान 50 वर्षीय दक्षेष कुमार पटेल निवासी उमटा, जिला मेहसाणा, हाल अहमदाबाद के रूप में हुई है. पुलिस ने उसे आनंद जिला कारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है. अब पुलिस आरोपी से साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है.

साइबर थाना पुलिस के अनुसार, राजगढ़ निवासी कमल कुमार को 2 अप्रैल 2025 को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था. इस ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश करने और कम समय में मोटा मुनाफा कमाने से जुड़े संदेश भेजे जाते थे. ठगों ने कमल को भरोसे में लेकर एक लिंक भेजा और ऑनलाइन फॉर्म भरवाया. इसके बाद उसे कथित कंपनी का सदस्य बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने के लिए कहा गया. कमल ने आरोपियों के बताए बैंक खातों में अलग-अलग समय पर कुल 43.90 लाख रुपए जमा कर दिए. ठगों ने उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग की एक फर्जी प्रोफाइल भी उपलब्ध कराई, जिसमें अलग-अलग शेयरों की खरीद-बिक्री और निवेश से होने वाला मुनाफा दिखाया जाता था.

फर्जी प्रोफाइल में दिखाया लाखों का मुनाफा

आरोपियों ने कमल को फर्जी ट्रेडिंग प्रोफाइल के जरिए यह विश्वास दिलाया कि उसके निवेश से लाखों रुपए का मुनाफा हो रहा है. इसके बाद ठगों ने 1 करोड़ 20 लाख रुपए का सात दिन का ब्याज मुक्त लोन देने का झांसा दिया, इसके लिए उससे और रकम जमा कराने का दबाव बनाया गया. जब कमल ने और पैसे जमा कराने से इनकार किया तो आरोपियों ने ऑनलाइन प्रोफाइल में दिखाई जा रही रकम को फ्रीज कर दिया. इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की.

बैंक खातों की जांच में सामने आया आरोपी का कनेक्शन

शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की, पुलिस ने बैंक खातों के केवाईसी दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल नंबरों की सीडीआर और आईपीडीआर सहित अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए. जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी दक्षेष कुमार से जुड़े बैंक खातों में परिवादी कमल कुमार की ठगी गई रकम में से 18.90 लाख रुपए पहुंचे थे. इस संबंध में साइबर थाना पुलिस ने 29 मई 2025 को मामला दर्ज किया था. जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने आरोपी दक्षेष कुमार को गुजरात के आनंद जिला कारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लिया.

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

पुलिस अब आरोपी से ठगी की रकम के लेन-देन, बैंक खातों के इस्तेमाल और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया है या नहीं। मामले में आगे की जांच जारी है.



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