इजरायल सरकार की ओर से भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम भेजा गया है. इजरायल की सरकार और वहां के लोगों की ओर से गहरा आभार व्यक्त करने और कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण बहादुरी को सम्मान देने के लिए मुंबई स्थित इजरायल के महावाणिज्य दूतावास ने शहर की प्रमुख सड़कों पर एक जन जागरूकता अभियान शुरू किया है. इसके तहत मुंबई के कई प्रमुख स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं. इनमें वॉर्डन रोड और नेपियन सी रोड का जंक्शन, बांद्रा ईस्ट में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर प्रबोधनकर ठाकरे फ्लाईओवर के पास, बीकेसी-सायन कनेक्टर, अंधेरी-जोगेश्वरी फ्लाईओवर और माहिम के पास तुलसी पाइपलाइन रोड शामिल हैं.
इन होर्डिंग्स पर लिखा है, “इजरायली लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद, कैप्टन स्मित! आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना.”
बांद्रा में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर होर्डिंग लगाए जाने के दौरान मौजूद इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने कहा, “कैप्टन स्मित ने इमरजेंसी अलर्ट सक्रिय किए और गर्दन और हाथों में गंभीर चोट लगने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा सफलतापूर्वक खोला. इजरायल की सरकार और उसके नागरिक कैप्टन स्मित और विमान में सवार उन चार इजरायली यात्रियों के बेहद आभारी हैं, जिन्होंने 174 लोगों की जान बचाई. कैप्टन स्मित भारत और इजरायल दोनों देशों में हीरो बन गए हैं. इस समय हमारी पहली प्राथमिकता उनका पूरी तरह स्वस्थ होना है. इसके बाद हम उनका इजरायल में स्वागत करने और उनकी बहादुरी के लिए आधिकारिक तौर पर सम्मानित करने की उम्मीद करते हैं.”
महावाणिज्य दूत ने इस घटना की तुलना 26/11 मुंबई आतंकी हमलों से भी की. उस हमले के दौरान भारतीय आया सैंड्रा सैमुअल ने अपनी जान जोखिम में डालकर छोटे बच्चे मोशे होल्ट्जबर्ग की जान बचाई थी. उन्होंने कहा कि भारतीय और यहूदी दोनों परंपराओं में निर्दोष लोगों की जान बचाने को समान रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है.
उन्होंने कहा कि अगर कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल नहीं होते, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी और इससे एक जटिल राजनयिक संकट पैदा हो सकता था. उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों की ओर से तथ्यों को लेकर अटकलों के आधार पर कहानी गढ़ने के प्रति भी सावधान किया. उनके मुताबिक, ऐसी कोशिशें इजरायल, यूएई और भारत जैसे मित्र देशों के बीच संबंधों में तनाव पैदा कर सकती हैं.
उन्होंने कतर और अल-जजीरा पर इजरायल और यहूदियों के खिलाफ लोगों की राय भड़काने का आरोप भी लगाया.
महावाणिज्य दूत ने यह भी बताया कि यूएई सरकार ने इजरायली अधिकारियों को जांच में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. उन्होंने कहा, “हमें भरोसा है कि विस्तृत जांच से पूरी घटना की सच्चाई सामने आएगी. हालांकि, किसी अकेले हमलावर की ओर से किए गए हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.”
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन और मीडिया के जरिए होने वाले कट्टरपंथीकरण से निपटने के लिए दोनों देशों के संयुक्त प्रयास बेहद जरूरी हैं.
अपने बयान के अंत में महावाणिज्य दूत ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कैप्टन स्मित के परिवार से मुलाकात कर उनके जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं और प्रार्थनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित की इस बहादुरी ने भारत और इजरायल के लोगों के बीच दोस्ती के मजबूत रिश्ते को और गहरा किया है.