सामान्य दिखने वाला कुत्ता भी बन सकता है खतरा, गाय को काटे तो पशु चिकित्सक से तुरंत कराएं जांच और टीका

सामान्य दिखने वाला कुत्ता भी बन सकता है खतरा, गाय को काटे तो पशु चिकित्सक से तुरंत कराएं जांच और टीका


Cow Dog Bite Rabies Risk: छत्तीसगढ के सरगुजा जिले में कई ऐसे लोग है जिनकी जीविका गाय बैल के माध्यम से चलती है, ऐसे में अगर आपके गाय को किसी कुत्ते ने काट लिया तो मामूली चोट न समझे क्योंकि कुत्ते के काटने से आपके गाय में रेबीज का संक्रमण हो सकता है. ऐसे में अगर पागल कुत्ते ने काटा है तो भविष्य में रेबीज होगा ही साथ में और गाय बैल अगर पागल कुते के काटे हुए गाय के संपर्क में आयेगा तो उसे भी रेबीज हो सकता है. इस स्थिति में जब भी पता चले कि गाय को कुत्ते ने काटा है तो तुरंत रेबीज का टिकाकरण कराए ताकि रेबीज होने से बचाया जा सके और गाय सुरक्षित रहे हैं. देखिए ये रिपोर्ट कैसे फैलता है और रेबीज कहा सबसे पहले अटैक करता है…

कुत्ते के काटने के बाद कैसे गाय में फैलता है रेबीज
पशु चिकित्सक डॉ. पीएल शोरी के मुताबिक, संक्रमित कुत्ते के काटने पर उसकी लार के माध्यम से रेबीज वायरस गाय के शरीर में प्रवेश कर सकता है.इसके बाद वायरस धीरे-धीरे नसों के जरिए मस्तिष्क तक पहुंचता है. मस्तिष्क तक पहुंचने के बाद बीमारी के लक्षण दिखाई देने लगते हैं.

आवाज बदलना और लार टपकना हो सकता है शुरुआती संकेत
रेबीज से संक्रमित गाय में व्यवहार में बदलाव नजर आ सकता है. उसकी आवाज बदल सकती है, मुंह से लार टपकने लगती है और वह खाना-पीना छोड़ सकते हैं. कई मामलों में गाय अपने मालिक या आसपास के लोगों को पहचानना बंद कर सकती है और आक्रामक व्यवहार करते हुए दूसरी चीजों या जानवरों को काटने की कोशिश कर सकती है..

लगातार बेचैनी भी हो सकती है
डॉ. शोरी बताते हैं कि संक्रमित पशु सामान्य तरीके से शांत बैठने के बजाय लगातार बेचैन रह सकता है. वह बार-बार अपने पैर चलाता या इधर-उधर घूमता दिखाई दे सकता है.उनके अनुसार, गाय-बैल में संक्रमण तेजी से गंभीर रूप ले सकता है.

क्या हर घूमने वाले कुत्ते के काटने से रेबीज होगा?
पशु चिकित्सक के अनुसार, हर कुत्ते में रेबीज नहीं होता. लेकिन सिर्फ इस आधार पर कि कुत्ता सामान्य दिखाई दे रहा है, संक्रमण के खतरे को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता. इसलिए कुत्ते के काटने की घटना होने पर पशु का टीकाकरण जल्द से जल्द कराना जरूरी है.

रेबीज वाले कुत्ते की पहचान कैसे करें?
डॉ. शोरी के अनुसार, रेबीज से प्रभावित कुत्ता अक्सर सामान्य व्यवहार से अलग दिखाई दे सकता है. वह दूसरे जानवरों से अलग होकर अकेले घूम सकता है और असामान्य रूप से आक्रामक होकर सामने आने वाले जानवर या व्यक्ति को काटने की कोशिश कर सकता है. हालांकि, केवल व्यवहार देखकर रेबीज की पक्की पुष्टि नहीं की जा सकती.

दूसरे पशुओं तक भी पहुंच सकता है संक्रमण
अगर किसी संक्रमित पशु की लार दूसरे पशु के संपर्क में आती है तो संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है. पशुओं के आपस में चाटने, लार के संपर्क में आने या दूषित चीजों के संपर्क जैसी स्थितियों में सावधानी जरूरी है.

कुत्ते के काटते ही कराएं टीकाकरण
डॉ. पीएल शोरी ने सबसे महत्वपूर्ण सलाह देते हुए कहा कि गाय को कुत्ते ने काटा है तो कुत्ता सामान्य हो या संदिग्धपशु  का टीकाकरण जितनी जल्दी संभव हो सके कराना चाहिए. इलाज में देरी होने पर बचाव की संभावना कम हो सकती है.

लक्षण दिखने के बाद इलाज बेहद मुश्किल
पशु चिकित्सक के मुताबिक, रेबीज के लक्षण दिखाई देने के बाद बीमारी बेहद गंभीर हो जाती है और प्रभावी उपचार की संभावना बहुत कम रहती है. इसलिए पशु के व्यवहार में बदलाव या लक्षण आने का इंतजार करने के बजाय कुत्ते के काटने के तुरंत बाद पशु चिकित्सक से संपर्क करना और आवश्यक टीकाकरण कराना सबसे जरूरी है.



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