दिल्ली के 190 पार्कों में लड़कियां सेफ नहीं, 736 में से 16 में CCTV, सेफ्टी ऑडिट में हुआ खुलासा

दिल्ली के 190 पार्कों में लड़कियां सेफ नहीं, 736 में से 16 में CCTV, सेफ्टी ऑडिट में हुआ खुलासा


दिल्ली के कालका जी स्थित आस्था कुंज पार्क में गैंग रेप की घटना ने झकझोर दिया था. लेकिन अब दिल्ली के पार्कों को लेकर और भी चौंकाने वाली खबर सामने आई है. सिर्फ आस्था कुंज ही नहीं दिल्ली के 190 पार्क ऐसे हैं जहां लड़कियां बिल्कुल भी सेफ नहीं हैं. न यहां सीसीटीवी कैमरे हैं, न आसपास पुलिस की मौजूदगी है और न ही इमरजेंसी की स्थिति में सुरक्षा की कोई विशेष सुविधाएं हैं. उपराज्यपाल दिल्ली सरकार तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर डीडीए ने राजधानी के 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा कर लिया है. जिसकी रिपोर्ट में कई बड़ी खुलासे हुए हैं.

ऑडिट के बाद पार्कों को जोखिम के आधार पर तीन कैटेगरी में बांटा गया है. इनमें 190 पार्क हाई रिस्क, 258 मीडियम रिस्क और 288 पार्क लो रिस्क कैटेगरी में रखे गए हैं. हाई रिस्क वाले पार्कों में सुरक्षा सुधार के काम को प्राथमिकता दी जा रही है.

520 पार्कों में अतिरिक्त लाइटिंग की जरूरत

ऑडिट में 520 पार्कों को अतिरिक्त रोशनी के लिए चिन्हित किया गया है. इनमें से 231 पार्कों में तत्काल लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है. पिछले सप्ताह हुए ऑडिट के आधार पर 106 पार्कों में लाइटिंग से जुड़े काम पूरे किए जा चुके हैं.

163 पार्कों में बदले जाएंगे गेट

प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए 163 पार्कों की पहचान की गई है. इन पार्कों में बिना लॉक वाले गेट को लॉक वाले गेट में बदला जा रहा है.

CCTV के लिए 323 पार्क चिन्हित

फिलहाल 16 DDA पार्कों में CCTV कैमरे लगे हुए हैं. सुरक्षा ऑडिट के बाद 323 अतिरिक्त पार्कों में CCTV लगाने की जरूरत चिन्हित की गई है.

बाउंड्री और टूटी ग्रिल पर भी फोकस

बाउंड्री और ग्रिल से जुड़े मामलों में 399 पार्कों की पहचान की गई थी. इनमें से 233 पार्कों में मरम्मत और गायब ग्रिल से जुड़े काम पूरे किए जा चुके हैं. इसके अलावा टॉयलेट और परित्यक्त स्ट्रक्चर के आसपास के संवेदनशील इलाकों की भी पहचान कर सुधार कार्य किए जा रहे हैं.

245 बड़े पार्कों में रात की गश्त शुरू

245 बड़े पार्कों में रात के समय गश्त शुरू कर दी गई है. 134 पार्कों में गनमैन की जरूरत चिन्हित की गई है. वहीं सभी हाई रिस्क पार्कों में बाइक से पेट्रोलिंग शुरू कर दी गई है. सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए 28 सितंबर को प्रधान आयुक्त कार्यालय में सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक भी हुई.

602 पार्कों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस

सुरक्षा गार्डों की जवाबदेही तय करने के लिए 602 पार्कों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस शुरू कर दी गई है. बाकी पार्कों में भी इसे लागू करने का काम जारी है.

पुलिस से सीधे तालमेल की व्यवस्था

सभी पार्कों में स्थानीय पुलिस और बीट अधिकारियों की संपर्क जानकारी फील्ड स्टाफ को और फील्ड स्टाफ की जानकारी पुलिस को दी गई है. सभी पार्कों में संपर्क जानकारी साझा करने का काम 100 फीसदी पूरा हो चुका है.

SOP और RWA से बैठक

पेट्रोलिंग, गार्ड की जिम्मेदारी, सुपरवाइजर की जवाबदेही, अटेंडेंस, घटना की रिपोर्टिंग और पुलिस के साथ तालमेल के लिए SOP तैयार की जा रही है. सुरक्षा से जुड़े टेंडर के नियमों को भी अपडेट किया जा रहा है. पार्कों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को समझने के लिए स्थानीय RWA के साथ बैठकें भी शुरू की गई हैं.

हर हफ्ते होगी मॉनिटरिंग

DDA ने सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी के लिए सेंट्रल मास्टर ट्रैकर और मॉनिटरिंग डैशबोर्ड तैयार किया है. वरिष्ठ अधिकारी हर सप्ताह पार्कों का निरीक्षण कर रहे हैं. 30 सितंबर को प्रिंसिपल कमिश्नर ने यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क का दौरा किया, जबकि 1 अक्टूबर को प्रिंसिपल कमिश्नर हॉर्टिकल्चर/लैंडस्केप/सिस्टम ने कमला नेहरू रिज पार्क का निरीक्षण किया.



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