छिन गया अजय राय से प्रदेश अध्यक्ष का पद? अराधना मिश्रा का नाम हुआ फाइनल! राहुल गांधी का मिला भरोसा

छिन गया अजय राय से प्रदेश अध्यक्ष का पद? अराधना मिश्रा का नाम हुआ फाइनल! राहुल गांधी का मिला भरोसा


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सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता अजय राय से यूपी प्रदेश अध्यक्ष का पद छीन लिया गया है. अजय राय की जगह अराधना मिश्रा को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. बताया जा रहा है कि अजय राय ने अपना सहारनपुर का दौरा रद्द कर दिया है. अब वह दिल्ली से सीधा वाराणसी जाएंगे.

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अजया राय से वापस ले लिया गया प्रदेश अध्यक्ष का पद.

लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर हलचल तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने सहारनपुर का दौरा रद्द कर दिया. दिल्ली से वाराणसी के लिए अजय राय रवाना होंगे. अजय राय की जगह आराधना मिश्रा का नाम तय हो गया है. अराधना मिश्रा के साथ कई वर्किंग प्रेसिडेंट भी बनाए जाएंगे. अजय राय और राहुल गांधी की बीते 30 सितंबर को मुलाकात हो चुकी है. राहुल गांधी ने अजय राय को भरोसा देते हुए कहा कि मैं आपके साथ हूं. इससे अटकले लगाई जा रही हैं कि पार्टी के भीतर अजय राय का कद बढ़ सकता है.

अजय राय से क्यों वापस लिया गया प्रदेश अध्यक्ष का पद
बता दें कि यूपी कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने को लेकर पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बीच लगातार खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं. दोनों नेताओं की कार्यशैली और प्राथमिकताओं में भारी अंतर देखने को मिला है. राजेंद्र पाल गौतम द्वारा संगठन के कामकाज पर सवाल उठाने के दावे भी किए जा रहे हैं. इसके अलावा, 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्य सहयोगी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की रूपरेखा और सीटों के तालमेल को लेकर भी प्रदेश नेतृत्व उस आक्रामकता के साथ आगे नहीं बढ़ पाया है, जिसकी हाईकमान उम्मीद कर रहा था. हालांकि पार्टी के कुछ नेता बदलाव की बात को नकार रहे हैं, लेकिन अंदरूनी असंतोष अब किसी से छिपा नहीं है.

कौन हैं अराधान मिश्रा
इस पूरे सियासी ड्रामे के केंद्र में हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’. वे प्रतापगढ़ की पारंपरिक सीट रामपुर खास से लगातार कांग्रेस की विधायक हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में जब पूरे प्रदेश में मोदी-योगी की लहर थी और कांग्रेस सिर्फ दो सीटों पर सिमट गई थी, तब भी आराधना मिश्रा ने अपना किला बचाए रखा था. वर्तमान में वह विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता हैं और कांग्रेस के कद्दावर नेता व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की पुत्री हैं.



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