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UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में 16 अक्टूबर 2026 को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए सपा से दो उम्मीदवारों ने अपना नामांकन कर दिया है. समाजवादी पार्टी (SP) की तरफ से दो उम्मीदवारों में एक प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी शामिल हैं. लेकिन अभी तक तीसरे उम्मीदवार के नाम पर सस्पेंस अब भी बरकरार है. अभी तक अखिलेश यादव ने इस मामले में नाम बताने पर चुप्पी साध रखी है. जानें इसके पीछे क्या है वजह. किसके हां के इंतजार में अलिखेश यादव. सब समझते हैं.
सपा के दो नाम तय, तीसरे पर सस्पेंस कायम, अखिलेश यादव किसके ‘हां’ का इंतजार कर रहे हैं? समझें राज्यसभा का पूरा गणित
37 वोट का गणित बना सबसे बड़ा पेंच
यूपी विधानसभा की मौजूदा प्रभावी संख्या को देखते हुए एक राज्यसभा सीट के लिए करीब 37 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत है. सपा के 101 और कांग्रेस के 2 विधायक हैं. दोनों को मिलाकर 103 वोट होते हैं. इस संख्या से दो उम्मीदवारों के लिए जरूरी 74 वोट पूरे हो जाते हैं और करीब 29 वोट बचते हैं. तीसरी सीट के लिए 37 वोट चाहिए, इसलिए सपा को बाहर से अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा. यही तीसरे उम्मीदवार के ऐलान में सबसे बड़ा पेंच है. सपा के पास अपने दम पर तीसरी सीट के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है. इसलिए उम्मीदवार घोषित करने से पहले अतिरिक्त विधायकों का समर्थन महत्वपूर्ण हो जाता है. अलग-अलग रिपोर्टों में इस कमी को करीब 8 वोट बताया गया है.
किसके ‘हां’ का इंतजार कर रहे अखिलेश?
अखिलेश यादव ने खुद दावा किया है कि भाजपा के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को पार्टी में समायोजित कैसे किया जाए, यह सवाल है और वह ऐसा वादा नहीं करना चाहते जिसे बाद में पूरा न कर सकें. यानी उनका दावा समर्थन की संभावनाओं से जुड़ा है, लेकिन यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने विधायक मतदान के समय सपा के पक्ष में वोट करेंगे. इसी बीच क्रॉस-वोटिंग की चर्चा भी चल रही है. 2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा उम्मीदवार को क्रॉस-वोटिंग के कारण नुकसान हुआ था. अखिलेश ने इस बार विधायकों से उस घटना का बदला लेने की अपील की है. हालांकि मतदान से पहले किसी विधायक के वोट को निश्चित मानना संभव नहीं है.
सलीम शेरवानी के नाम पर भी नजर
तीसरे उम्मीदवार के नाम को लेकर कई नामों की चर्चा सामने आई है. इनमें पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरवानी का नाम प्रमुखता से सामने आया है. वह अखिलेश यादव से मुलाकात कर अपनी दावेदारी जता चुके हैं. कुछ रिपोर्टों में पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन समेत दूसरे नामों की भी चर्चा है. इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि तीसरा टिकट किसे मिलेगा. तंजीम फातिमा की अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद मुस्लिम चेहरे को लेकर भी चर्चा तेज हुई है. हालांकि सपा की ओर से उन्हें तीसरा उम्मीदवार बनाए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
‘सरप्राइज’ एलिमेंट और क्रॉस-वोटिंग से बचाव
सपा प्रमुख ने संकेत दिया है कि वे तीसरे उम्मीदवार के तौर पर एक बड़ा ‘सरप्राइज’ (चौंकाने वाला नाम) दे सकते हैं. इसके लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम शेरवानी और आलोक रंजन जैसे नामों की भी चर्चा है. नाम को आखिरी वक्त तक गुप्त रखकर वह बीजेपी को जवाबी रणनीति बनाने या खुद अपने ही खेमे में क्रॉस-वोटिंग का जोखिम नहीं देना चाहते.
विपक्षी खेमे को चौंकाने की जवाबी रणनीति
दिलचस्प बात यह है कि जहाँ अखिलेश यादव बीजेपी विधायकों के संपर्क में होने का दावा कर रहे हैं, वहीं बीजेपी के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा कर दिया है कि सपा के ही 25 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं. इस शह और मात के खेल में अखिलेश यादव फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं और तभी पत्ता खोलेंगे जब उन्हें अपनी रणनीतिक जीत का पूरा भरोसा हो जाएगा.