उज्जैन. वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य, धन, ऐश्वर्य, भौतिक सुख और साझेदारी से जुड़ा प्रमुख ग्रह माना गया है. ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, 3 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर शुक्र अपनी राशि तुला में वक्री गति शुरू करेंगे. इस दौरान शुक्र की चाल सामान्य दिशा के बजाय उल्टी मानी जाएगी. ज्योतिष के अनुसार, शुक्र करीब 42 दिनों तक वक्री अवस्था में रहेंगे, जिसका प्रभाव विभिन्न राशियों और उनके जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ सकता है.
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, शुक्र ग्रह के वक्री होने पर उसके प्रभाव में तेजी आ सकती है. शुक्र की वक्री गति का असर प्रेम संबंधों, आर्थिक स्थिति, सुख-सुविधाओं और कारोबार से जुड़े फैसलों पर देखने को मिल सकता है. इसका प्रभाव सभी राशियों पर रहेगा लेकिन चार राशियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी. जानते हैं किन राशियों को सतर्क रहना होगा और क्या उपाय करने से राहत मिलेगी.
चार राशियों को रहना होगा सतर्क
सिंह- इस राशि के जातकों के भाई-बहनों और सहकर्मियों के साथ रिश्तों में तनाव या मतभेद की स्थिति बन सकती है. अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. खासतौर पर महंगी या विलासिता से जुड़ी चीजों की खरीदारी सोच-समझकर ही करें. नौकरी और व्यवसाय में बातचीत करते समय शब्दों का चयन सावधानी से करें. आपकी कोई बात सामने वाले को गलत लग सकती है, जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है.
वृश्चिक- शुक्र की वक्री चाल के दौरान वृश्चिक राशि के जातकों पर अचानक आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और अनावश्यक खर्च सामने आ सकते हैं. इस अवधि में किसी को बड़ी रकम उधार देने या कर्ज लेने-देने से सावधानी बरतें क्योंकि पैसा फंसने की आशंका है. स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही न करें. वहीं कानूनी अथवा अदालती मामलों में जल्दबाजी से निर्णय लेने के बजाय सोच-समझकर कदम उठाना बेहतर रहेगा.
मकर- इस राशि के जातकों के लिए नौकरी और कारोबार में आने वाला समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. अचानक काम की जिम्मेदारियां बढ़ने से तनाव महसूस हो सकता है. कार्यस्थल पर अधिकारियों या क्लाइंट्स के साथ बातचीत करते समय संयम बरतें और अनावश्यक बहस से बचें. किसी नए प्रोजेक्ट या समझौते पर काम शुरू करने से पहले सभी दस्तावेजों और शर्तों की अच्छी तरह जांच करना आपके लिए जरूरी रहेगा.
मीन- इस राशि के जातकों को जीवनसाथी या कारोबारी साझेदार के साथ रिश्तों में खुलापन और स्पष्टता बनाए रखनी होगी. बीते समय की कोई दबाई हुई बात सामने आकर तनाव बढ़ा सकती है. छोटी सी गलतफहमी भी विवाद का रूप ले सकती है, इसलिए बातचीत करते समय संयम और समझदारी रखें. किसी भी मुद्दे को छिपाने के बजाय शांतिपूर्वक चर्चा करें और आपसी विश्वास बनाए रखने का प्रयास करें.
जरूर करें ये उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शुक्रवार का दिन विशेष माना जाता है. इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा कर उनके सामने घी का दीपक जलाएं और सफेद मिठाई अर्पित करें. रोजाना ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें. शुक्रवार को चावल, दूध, दही, मिश्री या सफेद कपड़ों का दान जरूरतमंद व्यक्ति को करने से शुक्र की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है.