Last Updated:
Lucknow Growth News : विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहे लखनऊ में अनंत नगर, नैमिष नगर और वरुण विहार जैसी महत्वाकांक्षी आवासीय योजनाओं की सफल शुरुआत के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अब करीब 18 साल से लंबित अपनी बहुप्रतीक्षित प्रबंध नगर आवासीय योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी में है. आइए जानते हैं इस बारे में.
एलडीए की नई योजना.
Good News : उत्तर प्रदेश के लखनऊ में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) 18 साल से अटकी प्रबंध नगर आवासीय योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी में लग गया है. दरअसल, योजना में मुआवजे को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर लारा कोर्ट ने विराम लगा दिया. इसी के बाद मेगा टाउनशिप के विकास का रास्ता साफ हो गया. अब एलडीए की बोर्ड बैठक में आईआईएम रोड स्थित प्रबंध नगर योजना को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है.
यूपी लगातार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है. हाल ही में अनंत नगर, नैमिष नगर और वरुण विहार जैसी महत्वाकांक्षी आवासीय योजनाओं की शुरुआत की गई. वहीं, अब प्रबंध नगर आवासीय योजना की राह भी साफ हो गई है. योजना के वित्तीय पहलुओं की जांच के लिए हाईलेवल कमेटी बनाई है. यह कमेटी बढ़े हुए मुआवजे यानी प्रतिकर से प्राधिकरण पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का आकलन करेगी और 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बुधवार को संयुक्त सचिव अरविंद उपाध्याय की अध्यक्षता में यह कमेटी गठित की है.
2000 एकड़ में विकसित होगी टाउनशिप
प्रबंध नगर योजना को वर्ष 2008 में हरदोई-सीतापुर रोड और आईआईएम रोड के बीच करीब 2,000 एकड़ जमीन पर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था. जमीन अधिग्रहण, मुआवजे की दर और कानूनी विवादों के चलते यह योजना लंबे समय तक अटकी रही. LDA सचिव सुशील प्रताप सिंह के मुताबिक, योजना में घैला, ककौली और अल्लूनगर डिगुरिया गांवों की कुल 840.892 हेक्टेयर जमीन शामिल है. इस जमीन का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है. अब अदालत की ओर से तय नई दरों के आधार पर किसानों को प्रतिकर दिया जाएगा. हालांकि, कुछ गाटों से जुड़े मामले अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं. इन मामलों में जरूरी कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है.
घर, कारोबार और चौड़ी सड़कें होंगी
प्रबंध नगर को सिर्फ आवासीय कॉलोनी के तौर पर नहीं, बल्कि एक बड़े टाउनशिप प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की योजना है. यहां आधुनिक आवासीय प्लॉट और ब्लॉक, बड़े व्यावसायिक क्षेत्र, चौड़ी सड़कें और ग्रीन कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. योजना की लोकेशन भी काफी अहम है. यह आईआईएम रोड, ग्रीन कॉरिडोर और हरदोई-सीतापुर बाईपास के जरिए शहर के प्रमुख हिस्सों से जुड़ेगी. एलडीए का अनुमान है कि योजना के पूरी तरह विकसित होने के बाद करीब 2 लाख लोगों को रहने और कारोबार से जुड़ी सुविधाएं मिल सकेंगी. एलडीए उपाध्यक्ष के मुताबिक, इसके तैयार होने से लखनऊ के पूर्वी और उत्तरी हिस्से में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.