जबलपुर. मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई लगभग हो चुकी है. ज्यादातर जिलों में दिन के समय तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसके चलते गर्मी महसूस हो रही है. हालांकि शाम होते ही तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे मौसम सुहावना हो रहा है. फिलहाल अब भारी बारिश की संभावना लगभग न के बराबर है. कुछ एक जिलों में हल्का असर दिख सकता है लेकिन ज्यादातर जिलों में मौसम साफ बना हुआ है. आज यानी 01 अक्टूबर 2026, दिन गुरुवार को किसी भी जिले के लिए चेतावनी जारी नहीं की गई है. कुछ पूर्वी जिलों में हल्की बरसात हो सकती है लेकिन स्थिति सामान्य रहेगी.
मध्य प्रदेश में धीरे-धीरे सभी जिलों में मौसम शुष्क होता जा रहा है. आने वाले कुछ दिनों में बरसात की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी. जिसके बाद गुलाबी ठंड का सीजन शुरू होगा. फिलहाल भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने आज मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई है. गरज-चमक और झोंकेदार हवा को लेकर कोई अलर्ट नहीं है. प्रदेश के शेष जिलों में मौसम साफ रहेगा.
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी भोपाल में आज मौसम साफ रहेगा. दिन के समय तेज धूप निकलने से गर्मी महसूस होगी लेकिन शाम होते-होते तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी. आने वाले दिनों में तापमान में लगातार कमी होगी, जिससे हल्की ठंड महसूस होने लगेगी.
पचमढ़ी में सबसे कम तापमान
प्रदेश में पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस उज्जैन में दर्ज किया गया. सबसे कम न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में रिकॉर्ड किया गया. अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3°C की क्रमिक वृद्धि के बाद तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा.
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
1. मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर के समय बाहर रहने के दौरान चश्मे, टोपी या छाते का उपयोग करें और सनस्क्रीन लगाएं.
2. गर्म और धूप वाले मौसम में शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.
3. क्षेत्र में सामान्य मौसम बने रहने के कारण दैनिक आवागमन, यात्रा और बाहरी कार्य सुरक्षित रूप से करें.
4. जल जनित और कीट जनित रोगों से बचाव के लिए सावधानी बरतें. फिल्टर या उबला हुआ पानी पिएं. मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए रुके हुए पानी को हटाएं, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा कम हो सके.
5. मौसम में बदलाव के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. सर्दी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षणों को नजरअंदाज न करें. अगर लक्षण लगातार बने रहते हैं, तो फौरन डॉक्टर से परामर्श लें.
6. भारत मौसम विज्ञान विभाग और आधिकारिक स्रोतों से मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नजर बनाए रखें.