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Dehradun Haridwar Highway: देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर 36 किलोमीटर हिस्से में सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार के लिए करीब 320 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू हो गया है. एनएचएआई के तहत अगले दो वर्षों में यह काम पूरा किया जाएगा. योजना के तहत मियांवाला से नकरौंदा के बीच बनने वाले सवा दो किलोमीटर लंबे मुख्य एलिवेटेड मार्ग समेत कुल सात नए फ्लाईओवर बनेंगे. साथ ही, दोनों तरफ 44 किलोमीटर सर्विस लेन, दो फुट ओवरब्रिज और प्रमुख जंक्शनों का सुधार कर सफर को जाममुक्त व सुरक्षित बनाया जाएगा.
देहरादून से हरिद्वार का सफर अब बिना जाम के… हाईवे पर बनेंगे 7 फ्लाईओवर, सर्विस लेन और फुट ओवरब्रिज (फोटो-AI)
Dehradun Haridwar Highway: देहरादून और हरिद्वार के बीच रोजाना सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए बड़ी राहत की खबर है. इस व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम के झंझट को खत्म करने और यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में काम तेज हो गया है. करीब 36 किलोमीटर लंबे इस हिस्से पर सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 320 करोड़ रुपये का मेगा प्रोजेक्ट जमीन पर उतर रहा है. तय योजना के मुताबिक, अगले दो साल के भीतर पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य मुकम्मल कर लिया जाएगा. इस परियोजना के पूरा होते ही न सिर्फ दोनों शहरों के बीच का सफर तेज और सुगम होगा, बल्कि हादसों के खतरे में भी भारी कमी आएगी.
बारिश के बाद काम में तेजी, यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम जोरों पर
बीते दिनों लगातार हुई बारिश की वजह से निर्माण कार्यों की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई थी. अब मौसम साफ होने और बारिश थमने के बाद निर्माण गतिविधियों को पूरी ताकत से आगे बढ़ाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है. वर्तमान में हाईवे के किनारे यूटिलिटी शिफ्टिंग यानी बिजली के खंभे, तार, पेयजल की पाइपलाइन और अन्य जरूरी सरकारी सुविधाओं को हटाने व शिफ्ट करने का काम तेजी से किया जा रहा है. निर्माण के रास्ते में आने वाली इन अड़चनों को दूर करते ही मुख्य ढांचे के निर्माण कार्य में भारी उछाल देखने को मिलेगा.
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टरसौरभ सिंह के अनुसार, इस समय साइट पर यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम प्राथमिकता के साथ चलाया जा रहा है. बारिश रुकने के बाद अब मैदानी स्तर पर बाकी बचे कार्यों में भी पूरी गति लाई जाएगी, जिससे तय समयसीमा के भीतर सभी सुरक्षा इंतजाम पूरे किए जा सकें.
मियांवाला से नकरौंदा तक बनेगा सबसे लंबा एलिवेटेड मार्ग
इस पूरे 36 किलोमीटर के प्रोजेक्ट का सबसे अहम आकर्षण मियांवाला से नकरौंदा के बीच बनने वाला एलिवेटेड मार्ग है. करीब सवा दो किलोमीटर (2.5 किमी के दायरे में) लंबा यह फ्लाईओवर परियोजना में मंजूर सभी 7 फ्लाईओवरों में सबसे बड़ा और मुख्य निर्माण होगा. इस एलिवेटेड हिस्से के बन जाने से स्थानीय घनी आबादी वाले इलाकों की स्थानीय गाड़ियों और हाईवे के तेज रफ्तार ट्रैफिक को अलग-अलग किया जा सकेगा. इससे मियांवाला और आसपास के चौराहों पर लगने वाले भीषण जाम से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह व्यवस्थित हो जाएगी.
जानिए कहां-कहां बनेंगे 7 नए फ्लाईओवर
हाईवे पर ट्रैफिक के भारी दबाव और लगातार होने वाले हादसों को रोकने के लिए 7 अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर फ्लाईओवर तैयार किए जाने हैं:
- मियांवाला-नकरौंदा क्षेत्र: यहां सवा दो किलोमीटर लंबा सबसे बड़ा एलिवेटेड फ्लाईओवर बनेगा.
- जाखन पुल क्षेत्र: डेंटल कॉलेज के नजदीक एक फ्लाईओवर का निर्माण होगा.
- जीवनगढ़ क्षेत्र: यहां ट्रैफिक लोड को बांटने के लिए दो अलग-अलग फ्लाईओवर बनाए जाएंगे.
- छिद्दरवाला: मुख्य बाजार और तिराहे पर जाम खत्म करने के लिए एक फ्लाईओवर बनेगा.
- रायवाला क्षेत्र: रायवाला के व्यस्त हिस्से में दो फ्लाईओवर का निर्माण तय किया गया है.
44 किलोमीटर लंबी सर्विस लेन और 2 फुट ओवरब्रिज
परियोजना सिर्फ मुख्य कैरिजवे तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय निवासियों और पैदल चलने वालों की सुरक्षा का भी पूरा ख्याल रखा गया है. हाईवे के दोनों किनारों को मिलाकर लगभग 44 किलोमीटर लंबी आधुनिक सर्विस लेन तैयार की जाएगी. इससे लोकल ट्रैफिक मुख्य हाईवे पर नहीं आएगा और दुर्घटनाओं की आशंका बेहद कम हो जाएगी. पैदल राहगीरों को सड़क के आर-पार सुरक्षित निकालने के लिए दो फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे. इनकी सही लोकेशन तय करने की प्रक्रिया अभी अंतिम चरण में है.
दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने के लिए माजरी, डेंटल कॉलेज और रायवाला समेत हरिद्वार तक विभिन्न जंक्शनों को वैज्ञानिक तरीके से री-डिजाइन और विकसित किया जाएगा. दो साल की अवधि में यह पूरा कॉरिडोर तैयार होने के बाद देहरादून-हरिद्वार का सफर न केवल समय की बचत कराएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप एक विश्वस्तरीय हाईवे का अनुभव भी देगा.