कौन हैं थरेंदु रत्नायके जिनकी एशियन गेम्स में हो रही है चर्चा, मुरलीधरन, अजंता मेंडिस से कैसे अलग है ये स्पिनर?

कौन हैं थरेंदु रत्नायके जिनकी एशियन गेम्स में हो रही है चर्चा, मुरलीधरन, अजंता मेंडिस से कैसे अलग है ये स्पिनर?


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कौन हैं थरेंदु रत्नायके जिनकी एशियन गेम्स में हो रही है चर्चा

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tharindu ratnayake both hand bowling: एशियन गेम्स में श्रीलंका के थरेंदु रत्नायके ने कुछ ऐसा ही कमाल दिखाकर सबका ध्यान खींच लिया है. उन्होंने भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन और शिवम दुबे को आउट कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. खास बात यह है कि उनकी इस अनोखी कला ने सिर्फ बल्लेबाजों को ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के जानकारों को भी प्रभावित किया है.

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भारत के खिलाफ दोनों हाथ से गेंदबाजी करने वाले थरेंद्रु रत्नायके की जमकर हो रही है तारीफ

नई दिल्ली. दरारों वाली घूमती पिच पर स्पिनर बल्लेबाज को परेशान करे और आउट करे तो कुछ भी नई बात नहीं लगती पर हैरानी तब होगी जब एक गेंदबाज दाएं और बाएं हाथ से गेंदबाजी करें और बल्लेबाज चकमा खा जाए. करोगी स्पोर्टर्स पॉर्क मैदान पर श्रीलंका के हारना इतना बड़ा अजूबा नहीं था जितना हैरान करने वाली वो तस्वीर थी जिसमें एक गेंदबाज पहले लेफ्ट ऑर्म राउंड द विकेट गेंद फेंकता है और कुछ ओवर बाद वहीं गेंदबाज राइट ऑर्म राउंड द विकेट फेंकता है और हर बार वो विकेट लेने में कामयाब रहता है.

बैट्समैन को स्विच हिट मारने से रोकने का कोई नियम नहीं है पर गेंदबाज अगर हाथ बदलकर गेंदबाजी करता है तो उसे अंपायर को बताना पड़ता है. एशियन गेम्स में श्रीलंका के थरेंदु रत्नायके ने कुछ ऐसा ही कमाल दिखाकर सबका ध्यान खींच लिया है. उन्होंने भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन और शिवम दुबे को आउट कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. खास बात यह है कि उनकी इस अनोखी कला ने सिर्फ बल्लेबाजों को ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के जानकारों को भी प्रभावित किया है.

कौन हैं थरेंदु रत्नायके?

मुरलीधरन, रंगना हेराथ, अजंता मेंडिस जैसे स्पिनर देने वाले श्रीलंका के इस गेंदबाज का पूरा नाम थरेंदु रत्नायके है. उनकी सबसे बड़ी खासियत उनकी गेंदबाजी करने का अनोखा अंदाज है. वह दाएं हाथ से ऑफ स्पिन और बाएं हाथ से लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाजी कर सकते हैं. क्रिकेट की भाषा में इसे एम्बिडेक्स्ट्रस बॉलिंग (Ambidextrous Bowling) कहा जाता है. यानी एक ही गेंदबाज दोनों हाथों से गेंदबाजी करने में सक्षम है. टीम इंडिया के खिलाफ एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में रत्नायके ने अपनी इस कला का शानदार नमूना पेश किया. उन्होंने संजू सैमसन को बोल्ड कर भारतीय टीम को शुरुआती झटका दिया. इसके बाद शिवम दुबे को भी अपना शिकार बनाया. इस मुकाबले में उन्होंने 4 ओवर में 32 रन देकर 2 विकेट हासिल किए. मजे की बात देखिए जिस ऑर्म बॉल पर उन्होंने संजू को आउट किया वो फेंकना आसान नहीं है.

संजय मांजरेकर-अजय जडेजा हुए मुरीद

रत्नायके की गेंदबाजी की चर्चा सिर्फ उनके विकेटों की वजह से नहीं हो रही है. असली चर्चा उनकी उस काबिलियत की है, जो उन्हें दूसरे गेंदबाजों से अलग बनाती है. संजय मांजरेकर और अजय जडेजा जैसे पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने भी उनकी इस विशेषता पर ध्यान दिया है. उनका मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में ऐसे गेंदबाजों की मांग बढ़ सकती है और आने वाले समय में हर टीम इस तरह के गेंदबाज को अपने साथ जोड़ना चाहेगी. इसकी वजह भी साफ है. टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के पास हर गेंद के लिए अलग रणनीति होती है. गेंदबाज की तरफ से भी बल्लेबाज को चौंकाने के लिए नए प्रयोग किए जाते हैं. ऐसे में अगर कोई गेंदबाज एक ही ओवर में अपने हाथ के साथ गेंदबाजी का एंगल बदल सकता है तो बल्लेबाज के लिए उसकी योजना समझना आसान नहीं होगा.

बैट्समैन के लिए क्यों बन सकते हैं परेशानी?

आमतौर पर बल्लेबाज किसी गेंदबाज के हाथ, एक्शन और गेंद की दिशा को देखकर अपनी रणनीति तैयार करता है. लेकिन रत्नायके जैसे गेंदबाज के सामने यह रणनीति बदलनी पड़ सकती है. वह दाएं हाथ से गेंदबाजी करते हुए ऑफ स्पिन करा सकते हैं और बाएं हाथ से गेंद डालते हुए गेंद को दूसरी दिशा में टर्न करा सकते हैं. यानी बल्लेबाज को सिर्फ गेंद की गति और टर्न ही नहीं, बल्कि गेंदबाज के हाथ बदलने पर भी नजर रखनी होगी. टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में जहां एक-दो गेंदों का अंतर मैच का रुख बदल सकता है, वहां यह हुनर काफी उपयोगी साबित हो सकता है.

श्रीलंका को थरेंदु रत्नायके के रूप में एक ऐसा गेंदबाज मिला है, जिसके पास बल्लेबाजों को उलझाने का खास हथियार है. अभी उनके सामने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को लगातार साबित करने की चुनौती होगी, लेकिन एशियन गेम्स में भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने इतना जरूर बता दिया है कि क्रिकेट में दोनों हाथों से गेंदबाजी करने की कला सिर्फ हैरान करने वाली चीज नहीं, बल्कि विरोधी टीम के लिए रणनीतिक चुनौती भी बन सकती है.



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