Puja Flower Compost : भगवान को चढ़ाए फूलों और प्रसाद से घर पर तैयार करें गार्डन कम्पोस्ट, पौधों की ग्रोथ देख रह जाएंगे दंग

Puja Flower Compost : भगवान को चढ़ाए फूलों और प्रसाद से घर पर तैयार करें गार्डन कम्पोस्ट, पौधों की ग्रोथ देख रह जाएंगे दंग


Flower Waste Composting : हमारे घरों में जब भी कोई पूजा या त्योहार होता है, तो भगवान को ढेर सारे फूल, मालाएं, फल और मिठाइयां अर्पित की जाती हैं. पूजा संपन्न होने के बाद अक्सर हमारे सामने एक बड़ी समस्या यह होती है कि इन बचे हुए फूलों, पत्तों और प्रसाद का क्या किया जाए. बहुत से लोग इन्हें या तो किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देते हैं या फिर कचरे के डिब्बे में फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही पूजा का बचा हुआ वेस्ट आपके होम गार्डन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है? आइए जानते हैं कि कैसे आप घर पर ही बहुत आसानी से इन चीजों से बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद (कम्पोस्ट) तैयार कर सकते हैं.

क्यों जरूरी है पूजा के वेस्ट से खाद बनाना?
पूजा की सामग्रियां जैसे ताजे गेंदे के फूल, गुलाब, तुलसी के डंठल, केले के पत्ते और बचे हुए फल पूरी तरह से ऑर्गेनिक और केमिकल-फ्री होते हैं. जब आप इन्हें कचरे में फेंकते हैं, तो ये लैंडफिल में जाकर प्रदूषण बढ़ाते हैं. इसके विपरीत, अगर आप इनसे कम्पोस्ट बनाते हैं, तो यह पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ आपके पौधों को भरपूर पोषण देता है. यह परंपरा का सम्मान करने और प्रकृति की देखभाल करने का एक बेहतरीन तरीका है.

पूजा की सामग्रियां जैसे ताजे गेंदे के फूल, गुलाब, तुलसी के डंठल, केले के पत्ते और बचे हुए फल पूरी तरह से ऑर्गेनिक और केमिकल-फ्री होते हैं.

घर पर कम्पोस्ट बनाने का आसान तरीका-
घर में निकलने वाले फूल-पत्ते और किचन के गीले कचरे को फेंकने के बजाय आप आसानी से उससे प्राकृतिक खाद बना सकते हैं. इसके लिए बहुत ज्यादा जगह या किसी खास मशीन की जरूरत नहीं होती. बस गीले और सूखे कचरे का सही संतुलन रखना जरूरी है.

1. सबसे पहले कचरे को अलग करें
पूजा के बाद बचे ताजे फूल, पत्तियां और खाने के बचे हिस्से को अलग कर लें. इनमें प्लास्टिक की माला, पन्नी, सिंथेटिक धागा, रिबन या मेटल फॉयल बिल्कुल न मिलाएं. ये चीजें आसानी से नहीं सड़तीं और कम्पोस्ट को खराब कर सकती हैं.

2. सही जगह और कंटेनर चुनें
अगर घर में गार्डन या बालकनी में थोड़ी जगह है तो बड़े गमले, पुराने डिब्बे या कम्पोस्ट बिन का इस्तेमाल कर सकते हैं. छोटे फ्लैट में 10 से 20 लीटर की बाल्टी भी काफी है. बाल्टी के नीचे और किनारों पर छोटे-छोटे छेद जरूर हों, ताकि हवा आती-जाती रहे और अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके.

3. गीले और सूखे कचरे का संतुलन रखें
अच्छी खाद बनाने के लिए सिर्फ फूल और गीला कचरा डालना काफी नहीं है. इसमें सूखी चीजें भी मिलानी जरूरी हैं. ताजे फूल, हरी पत्तियां और थोड़ा बचा हुआ ताजा खाना ‘ग्रीन’ सामग्री मानी जाती है. वहीं सूखी पत्तियां, सूखे फूल, नारियल के छिलके, सूखे केले के पत्ते और फटे हुए सादे अखबार ‘ब्राउन’ सामग्री हैं.

4. एक के ऊपर एक परत लगाएं
सबसे नीचे सूखी पत्तियों या दूसरी ब्राउन सामग्री की एक परत बिछाएं. इसके ऊपर फूल और हरी पत्तियों की परत डालें. अगर केले का तना, नारियल का छिलका या कोई दूसरी बड़ी चीज है तो उसे छोटे टुकड़ों में काटकर डालें. इससे वह जल्दी टूटकर खाद में बदलने लगेगी. हर कुछ परतों के बाद थोड़ी गार्डन मिट्टी या पुरानी कम्पोस्ट डालना भी अच्छा रहता है.

5. नमी और हवा का ध्यान रखें
कम्पोस्ट को न बहुत सूखा रखें और न ही पानी से भिगो दें. इसकी नमी ऐसी होनी चाहिए जैसे निचोड़ा हुआ स्पंज. अगर ज्यादा गीला हो जाए तो सूखी पत्तियां या अखबार मिला दें. हर 4-5 दिन में लकड़ी या किसी लंबे डंडे की मदद से कम्पोस्ट को हल्का-सा उलट-पलट दें. इससे अंदर हवा पहुंचती रहेगी और खाद बनने की प्रक्रिया बेहतर तरीके से चलेगी.

कब और कैसे करें इस्तेमाल?
लगभग 4 से 8 हफ़्तों में आपका कचरा गहरे रंग का, भुरभुरा और सौंधी खुशबू वाली मिट्टी में बदल जाएगा. यही आपकी होममेड कम्पोस्ट है! इसे छानकर बड़े टुकड़ों को अलग कर लें. अब इस रिच खाद को आप अपने गमलों के पौधों, फूलों की क्यारियों या सब्जियों के पैच में डाल सकते हैं. इसके इस्तेमाल से मिट्टी की बनावट सुधरती है, नमी बरकरार रहती है और पौधों की ग्रोथ ऐसी होती है कि आप देखते रह जाएंगे.

कुछ काम की बातें और टिप्स
अगर ढेर से बदबू आ रही है या कीड़े लग रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उसमें ‘ग्रीन्स’ (गीली चीजें) ज्यादा और ‘ब्राउन्स’ (सूखी चीजें) कम हैं. तुरंत कुछ सूखी पत्तियां या अखबार के टुकड़े मिला दें. कीड़ों से बचाने के लिए आप थोड़ी सी हल्दी या नीम पाउडर भी छिड़क सकते हैं.

तो अगली बार पूजा के बाद बचे हुए फूलों और प्रसाद को डस्टबिन में फेंकने के बजाय, इस आसान तरीके से उन्हें खाद में बदलें. प्रकृति को संवारने का यह छोटा सा कदम आपके घर के पौधों को हरा-भरा और स्वस्थ बना देगा!



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