Pitru Paksha: पितृपक्ष में पितरों को जल चढ़ाते समय किस ओर मुंह करें? घर पर तर्पण से पहले जान लें ये जरूरी नियम

Pitru Paksha: पितृपक्ष में पितरों को जल चढ़ाते समय किस ओर मुंह करें? घर पर तर्पण से पहले जान लें ये जरूरी नियम


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पितृपक्ष में पितरों को जल चढ़ाते समय किस ओर मुंह करें? जान लें नियम

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How to Perform Tarpan at Home: पितृपक्ष में पूर्वजों को याद कर श्राद्ध और तर्पण करने की परंपरा है. कई लोग घर पर ही पितरों के निमित्त तर्पण करते हैं, लेकिन इस दौरान दिशा और पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर अक्सर सवाल रहता है. ज्योतिषी के अनुसार, तर्पण के समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करने की परंपरा है. इसके लिए जल, काले तिल और कुश समेत कुछ जरूरी सामग्री की जरूरत होती है. जानिए घर पर तर्पण करते समय किस दिशा में मुख करना चाहिए, कौन-कौन सी चीजें जरूरी हैं और इसकी सही विधि क्या है.

ऋषिकेश: पितृपक्ष के दिनों में लोग अपने पूर्वजों को याद कर उनके लिए श्राद्ध, तर्पण और दान करते हैं. मान्यता है कि इस दौरान पितरों के निमित्त किए गए कर्मों से उनका स्मरण और सम्मान होता है. अगर आप भी घर पर ही श्राद्ध या तर्पण करने की सोच रहे हैं, तो इसकी दिशा और जरूरी सामग्री का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. खासकर तर्पण करते समय किस दिशा की ओर मुख करना चाहिए, इसे लेकर कई लोगों के मन में सवाल रहता है.

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि हिंदू धर्म में पितृपक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय माना जाता है. आमतौर पर इन दिनों लोग अपने परिवार के दिवंगत सदस्यों को याद करते हैं और उनकी तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान या दान करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष में पितरों के निमित्त जल अर्पित करना, भोजन कराना और जरूरतमंदों को दान देना पुण्यदायी माना जाता है.

घर पर श्राद्ध कर रहे हैं तो किस दिशा में करें

अगर आप घर पर पितरों का तर्पण कर रहे हैं, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण किया जाता है. हिंदू परंपरा में दक्षिण दिशा को पितरों से जुड़ी दिशा माना गया है. इसलिए तर्पण के समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल अर्पित करने की परंपरा है. इसके लिए घर में ऐसी जगह चुनें जो साफ-सुथरी और शांत हो. तर्पण करते समय मन को शांत रखें और पितरों का स्मरण करते हुए श्रद्धा से जल अर्पित करें.

किन चीजों की जरूरत पड़ेगी

घर पर तर्पण करने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं होती. सबसे जरूरी चीज जल है. इसके साथ काले तिल, कुश और एक साफ पात्र रखा जा सकता है. पूजा के लिए फूल, अक्षत और दीपक जैसी सामान्य सामग्री भी रखी जा सकती है. इसके अलावा अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोजन, वस्त्र, अनाज या जरूरत की दूसरी चीजों का दान किया जा सकता है.

क्या विधि होनी चाहिए?

सबसे पहले तर्पण वाली जगह को साफ कर लें और पूजा की सामग्री व्यवस्थित तरीके से रख लें. इसके बाद शांत मन से अपने पितरों का स्मरण करें. तर्पण के लिए जल में काले तिल और कुश का प्रयोग करने की परंपरा है. दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों का ध्यान करते हुए जल अर्पित किया जाता है. इस दौरान अपने परिवार के दिवंगत सदस्यों का नाम लेकर उनका स्मरण किया जा सकता है. तर्पण के बाद पितरों के निमित्त भोजन बनाकर अर्पित करें. इसके बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र, अनाज या अपनी क्षमता के अनुसार उपयोगी वस्तु का दान करना भी श्राद्ध कर्म का हिस्सा माना जाता है.



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