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Fortune Maida And Jain Chuski Tea: रायगढ़ में जैन चुस्की चाय और फॉर्च्यून मैदा को बेचने पर तुरंत रोक लगा दी गई है. बताया जा रहा है कि लैब की जांच में इन्हें असुरक्षित पाया गया है. अब बाजार में पड़े हुए स्टॉक को वापस मंगाने के आदेश भी दिए गए हैं, जिससे किसी को परेशानी ना हो. जैन चुस्की चाय और फॉर्च्यून मैदा के दो बैच पर बेचने से रोक लगी है. आइए जानते हैं, इसके बारे में.
रायगढ़ में जैन चुस्की चाय की ब्रिकी पर रोक (AI तस्वीर)
(रिपोर्ट-पंकज बारेठ)
Fortune Maida And Jain Chuski Tea: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में फॉर्च्यून मैदा और जैन चुस्की चाय के संबंधित बैच की ब्रिकी पर रोक लगा दी है. बताया जा रहा है कि रायगढ़ में लैब जांच में दोनों उत्पादों में मानक से अधिक कीटनाशक अवशेष पाए थे. फॉर्च्यून मैदा में क्लोरपाइरीफॉस की मात्रा तय सीमा से अधिक मिली, जबकि जैन चुस्की चाय में एसीटामिप्रिड 18 गुना अधिक पाए जाने का दावा किया गया है. इसी वजह से खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दोनों बैच को असुरक्षित घोषित किया है.
बताया जा रहा है कि जो भी प्रभावित स्टॉक बाजार में है. उसे तुरंत वापस मंगाने के आदेश दिए गए हैं. फॉर्च्यून मैदा का संबंधित बैच नंबर FAMD55O059A बताया गया है, जबकि जैन चुस्की चाय का संबंधित बैच नंबर CH 653 175 है. खाद्य विभाग ने ब्रिकी पर रोक के अलावा कारोबारियों को प्रभावित स्टॉक अलग करने के आदेश भी दिए हैं.
फॉर्च्यून मैदा के बैच में क्लोरपाइरीफॉस की मात्रा है ज्यादा
बताया जा रहा है कि फॉर्च्यून मैदा का निर्माण मेसर्स अनिरुद्ध फूड लिमिटेड, करवत गांव, पोस्ट दांडी, तहसील चंदौली, उत्तर प्रदेश द्वारा किया गया है. संबंधित उत्पाद का बैच नंबर FAMD55O059A है, जिसे बनाने की डेट 28 फरवरी 2026 और एक्सपायरी डेट 27 अगस्त 2026 है. काली-लैब्स प्राइवेट लिमिटेड भोपाल की 24 जुलाई 2026 की जांच रिपोर्ट में क्लोरपाइरीफॉस की मात्रा 0.014 पीपीएम पाई गई, जबकि निर्धारित सीमा 0.01 पीपीएम है. निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने के कारण संबंधित बैच को असुरक्षित घोषित किया गया.
जैन चुस्की चाय की ब्रिकी पर भी लगी रोक
इसी तरह जैन चुस्की चाय जिसका बैच नंबर CH 653 175 है. उसमें जांच में मानक से अधिक कीटनाशक अवशेष पाया गया. उत्पाद से संबंधित बनाने और बेचने वाली मेसर्स जैन ट्रेडर्स, आकृति विहार, अमलीडीह, रायपुर है. कोलकाता की लैब में 30 जुलाई 2026 की जांच रिपोर्ट के अनुसार इसमें एसीटामिप्रिड की मात्रा 0.18 पीपीएम पाई गई, जबकि निर्धारित सीमा 0.01 पीपीएम है. इस आधार पर संबंधित बैच को असुरक्षित घोषित किया गया.