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Saurabh Hatyakand Muskan Sahil Verdict: सौरभ हत्याकांड को लेकर हत्यारिन पत्नी मुस्कान और साहिल को कोर्ट ने आज दोषी माना. साथ ही जज ने कहा कि इन दोनों ने जो अपराध किया है उसके लिए यह लोग माफी के लायक नहीं है न ही सजा कम करने के लायक है.
कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को ठहराया दोषी.
मेरठ: उत्तर प्रदेश में मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में निचली अदालत ने अपना अहम फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दे दिया है. बताते चलें कि मुस्कान ने पति सौरभ की हत्या कर शव के कई टुकड़े कर उसे नीले ड्रम में भर दिया था और ऊपर से उसमें सीमेंट का घोल डाल दिया था. इसी मामले को लेकर कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया.
आज दोनों आरोपियों को कोर्ट ने दोषी माना है और हत्या के बाद सबूत छिपाने का भी अपराधी माना है. सरकारी वकील ने बताया कि दोनों मानसिक रूप से तैयार थे और दोनों को पहले से पता था कि इस केस में उन्हें सजा होगी ही. इसलिए जब जज साहब ने उनसे अपनी बात रखने को कहा और दोनों से पूछा कि आप लोगों को सजा कम क्यों दी जाए? तो दोनों ने कोर्ट में कुछ भी बोलने से मना कर दिया. बताते चलें आज दोनों को दोषी ठहराया गया है. 14 अक्टूबर को दोनों को सजा सुनाई जाएगी. वहीं सौरभ की बुआ ने अदालत एक आदेश के बाद लोकल 18 से बात करते हुए दोनों दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की.
वहीं सौरभ राजपूत हत्याकांड में मृतक के परिवार की ओर से पेश वकील विजय बहादुर ने कोर्ट के फैसला सुनाए जाने से पहले दावा किया था कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि अभियुक्त साहिल और मुस्कान ने मिलकर सौरभ को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि हत्या से पहले सौरभ को बेहोश करने के लिए नशीला पदार्थ दिए जाने की तैयारी की गई थी.
वकील विजय बहादुर ने आईएएनएस को बताया कि सौरभ 24 फरवरी 2025 को लंदन से वापस आया था. इसके बाद 3 तारीख को वह अपनी मां के घर से खाना लेकर आया था और इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. हत्या से पहले और बाद में अलग-अलग तरह की तैयारियां की गई थीं. हत्या से पहले सौरभ को बेहोश करने के लिए एक दवा लाई गई थी, जिसे कथित तौर पर खाने में मिलाया गया.