Belgium Vessel News | बेल्जियम से आया वेसल दलदल में फंसा, 308 पहियों वाला ट्रक डबल इंजन हाइड्रा से भी नहीं हुआ टस से मस

Belgium Vessel News | बेल्जियम से आया वेसल दलदल में फंसा, 308 पहियों वाला ट्रक डबल इंजन हाइड्रा से भी नहीं हुआ टस से मस


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Belgium Vessel in Varanasi : बलरामपुर चीनी मिल को एक ऐसी मशीन चाहिए, जिसे बेल्जियम से लाया जा रहा है. मगर, इस मशीन को लाने के लिए 308 वाले पहिए के ट्रक को सड़क पर उतारा गया है, जिसने प्रशासन के हाथ-पैर फुला दिए हैं. आइए जानते है ऐसा क्या हो गया. 

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बेल्जियम वेसल दलदल में फंसा.

वाराणसी : आजकल आप एक नाम बड़ा सुन रहे होंगे. वो है- 308 पहिया वाला मल्टी एक्सल वैक्यूम बॉयलर. ये कोई ऐसी वैसी मशीन नहीं है, बल्कि बेल्जियम से लाई गई है. अब हर किसी का ध्यान इसी पर है. हर कोई 200 टन की मशीनरी को देखने के लिए पहुंच जा रहा है. जहां जहां से यह मशीन गुजर रही है, वहीं लोगों की भीड़ लग जा रही है. मगर, इस बॉयलर से प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए हैं. आनन-फानन में बनाए गए रास्ते के दलदल में यह मशीन फंस गई. फिर क्या था हर कोई इसे निकालने के लिए लग गया. मगर, मजाल है कि यह टस से मस हुआ हो. यहां तक कि  बाहुबली को दलदल से निकालने के लिए डबल इंजन हाइड्रा तक की मदद ली गई, लेकिन हाथ खाली ही रह गए.

भारी भरकम वेसल को ओडिशा लाया गया

दरअसल, बलरामपुर चीनी मिल के लिए बेल्जियम से समुद्र के रास्ते भारी भरकम वेसल को ओडिशा लाया गया. ओड़िशा के पारादीप बंदरगाह से वैक्यूम बॉयलर झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों से होता हुआ रविवार को यूपी की सीमा में पहुंचा था. चंदौली से आगे और डाफी टोल प्लाजा से कुछ दूर पहले रुका था. इसके लिए हाइवे की जगह-जगह चौड़ाई बढ़ाने के साथ वैकल्पिक रास्ते भी बनाए जा रहे हैं.

डाफी प्लाजा के पास बने वैकल्पिक रास्ते पर बिछी स्लीपर पर जब बाहुबली चढ़ा तो नीचे की जमीन उसके वजन से धंस गई, बॉयलर के पिछले हिस्से के कई चक्के फंस गए. 200 टन वजनी बाहुबली को दलदल से निकालने के लिए डबल इंजन की जेबीसी-हाइड्रा लगाई गई, लेकिन उसके पहिए टस से मस नहीं हुए. वैकल्पिक रास्ते पर आई बाधा दूर कराने में कई विभागों के कर्मचारी जुटे हुए हैं.

दूसरे इंजन मंगाए जा रहे

इंजीनियरों ने बताया कि मल्टी एक्सल ट्रेलर को आगे बढ़ाने के लिए दूसरे इंजन मंगाए जा रहे हैं. वहीं, जेसीबी से वैकल्पिक रास्ते को ठीक किया रहा है. बताया जा रहा है कि जल्दबाजी में अस्थायी रास्ते पर गिट्टी पर रोलर नहीं चलाया गया था. ऊपर से लोहे की प्लेट डाल दी गई. जबकि ट्रेलर के लिए एक महीने पहले ही रास्ता बनाने का निर्देश आ गया था. उम्मीद है कि आज यह मशीन आगे बढ़ेगी.

बता दें, बॉयलर के साथ दो दर्जन से अधिक लोगों का स्टाफ चल रहा है. इमरजेंसी से निपटने की सारी व्यवस्था है. दर्जनों स्टेपनी रखी गई हैं. गौरतलब है, भारी-भरकम वेसल लदा करीब 100 फीट लंबा ट्रक सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है. ट्रक अपनी लंबाई-चौड़ाई, बनावट और पहियों के लिए चर्चा में है तो उस पर लदा शुगर मिल का वेसल भी अपने वजन और आकार के लिए कौतूहल बना हुआ है.



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