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How to Drive Baahubali Truck : ओडिशा से चला 308 चक्कों वाला बाहुबली ट्रक वाराणसी पहुंच चुका है. हो सकता है ये आपके इलाके से भी गुजरा हो या कम से कम आपने इसके बारे में सुना जरूर होगा. क्या आप जानते हैं कि इतने विशाल ट्रक को चलाता कौन है. कितने ड्राइवर इसे खींचते हैं और अब तक ये कितने किलोमीटर का सफर तय कर चुका है. इस बाहुबली ट्रक के साथ 60 से ज्यादा लोगों की टीम लगातार चल रही है. ट्रक के ड्राइवर जेएम हेक्सा ट्रांसपोर्ट कंपनी से जुड़े हैं. शुगर वेसल को ओडिशा से लखीमपुर खीरी पहुंचाने के लिए शुगर मिल कंपनी ने इसी ट्रांसपोर्ट कंपनी को ठेका दिया है. शुगर कंपनी से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि इस बाहुबली ट्रक के साथ दो इंजन चल रहे हैं.
वाराणसी. यूपी में इन दिनों एक ट्रक सुर्खियों में है, जिसे देखने के लिए जगह-जगह हुजूम उमड़ रहा है. ओडिशा के पारादरी पोर्ट से चला ये बाहुबली ट्रक अब वाराणसी पहुंच चुका है. 308 चक्कों वाले इस ट्रक को लोग सोशल मीडिया पर अलग अलग नाम दे रहे हैं. 150 दिनों में इस बाहुबली ट्रक ने 200 टन वजनी शुगर वेसल को अब तक 900 से अधिक किलोमीटर का सफर तय कराया है. इस बाहुबली ट्रक के साथ कई लोगों की टीम चल रही है. ट्रक के ड्राइवर जेएम हेक्सा ट्रांसपोर्ट कंपनी से जुड़े हैं, जो ऐसे बड़े वाहनों को सड़कों पर चलाने में माहिर हैं. यह कंपनी भारत के प्रमुख समुद्री तटों जैसे मुंबई, हल्दिया, विशाखापत्तनम और पारादीप सहित दूसरे पोर्ट से बड़े व्यवसायिक बड़े वाहनों का संचालन कर उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाती है. शुगर वेसल को ओडिशा से लखीमपुर खीरी पहुंचाने के लिए शुगर मिल कंपनी ने इसी ट्रांसपोर्ट कंपनी को ठेका दिया है. 308 चक्कों वाले इस बाहुबली ट्रक को भी इसी कंपनी के ड्राइवर चला रहे हैं.
बड़े ट्रकों को चलाने में माहिर
शुगर कंपनी से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि इस बाहुबली ट्रक के साथ दो इंजन चल रहे हैं. दोनों ही इंजन को चलाने वाले एक-एक ड्राइवर हैं, जिन्हे बकायादा ऐसे बड़े ट्रक को हाइवे पर चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है. यह आम ट्रक ड्राइवर से बिलकुल अलग होते हैं. बाहुबली ट्रक के साथ जो दो ड्राइवर चल रहे हैं, उनकी सैलरी जेएम हेक्सा ट्रांसपोर्ट कंपनी ही देती है. एक जानकारी के अनुसार इन ट्रक ड्राइवर की सैलरी लाखों में होती है. इसके अलावा जब ये दूसरे शहर जाते हैं तो इन्हे बाकायदा कंपनी की ओर से टीए-डीए भी दिया जाता है.
एक दिन में इतना कम क्यों चल रहा
शुगर कंपनी से जुड़े कर्मचारी ने बताया कि पूरे दिन में यह ट्रक कुछ ही घंटे चल पा रहा है. आज तीसरे दिन भी बाहुबली ट्रक वाराणसी के नेशनल हाइवे पर है. डाफी टोल प्लाजा के करीब बन रहे वैकल्पिक मार्ग पर इस बाहुबली ट्रक के 6 पहिये दलदल में फंस गए थे, जिन्हें काफी मुश्किलों के बाद निकाला गया. यह महाबली ट्रक नेशनल हाइवे से राजातालाब के रास्ते हरहुआ रिंग रोड पकड़ कर गाजीपुर की सीमा में प्रवेश करेगा. फिलहाल हर दिन यह ट्रक 8 से 10 किलोमीटर का सफर ही तय करता है, क्योंकि इस महाबली ट्रक के रास्ते में कई अड़चने हैं, जिन्हे समय-समय पर दूर किया जा रहा है.