नई दिल्ली. वेस्टइंडीज के भारत दौरे पर दूसरे वनडे मुकाबले में 29वें ओवर का जो रोमांच देखने को मिला, उसने क्रिकेट प्रशंसकों को अपनी सीटों पर खड़े होने के लिए मजबूर कर दिया. एक तरफ फॉर्म के चरम पर पहुंचे शुभमन गिल क्रीज पर अंगद की तरह पैर जमाए बैठे थे, तो दूसरी तरफ रन मशीन विराट कोहली गेंद को मैदान के हर कोने में भेजने के इरादे से आए थे. गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम की हरी-भरी आउटफील्ड और दर्शकों का शोर गवाह बना उस पल का, जब भारतीय बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज के आक्रमण को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया.
28 ओवर का खेल समाप्त हो चुका था और भारतीय टीम का स्कोर 1 विकेट के नुकसान पर 271 रन था. वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप इस उम्मीद में गेंद जयडेन सील्स को थमाते हैं कि उनका सबसे भरोसेमंद गेंदबाज इस साझेदारी को तोड़कर थोड़ी राहत दिलाएगा. सील्स अब तक अपनी सधे हुए स्पेल से कुछ हद तक लगाम लगाए हुए थे, लेकिन इस ओवर में जो हुआ उसकी कल्पना खुद उन्होंने या कैरेबियाई कप्तान ने भी नहीं की थी.
गिल का तूफानी आगाज
29वें ओवर की शुरुआत जयडेन सील्स ने अपनी गति और सही लेंथ के साथ करने की कोशिश की, लेकिन सामने खड़े शुभमन गिल किसी अलग ही मिजाज में थे. पहली ही गेंद पर गिल ने ऐसा प्रचंड प्रहार किया कि गेंद सीधे दर्शक दीर्घा में जाकर गिरी. शानदार छक्के के साथ ओवर का आगाज हुआ और स्टेडियम में भारत-भारत के नारे गूंजने लगे.
टाइमिंग और क्लास का नजारा
दूसरी गेंद पर सील्स ने अपनी रणनीति बदलने की कोशिश की. उन्होंने लेंथ को थोड़ा छोटा रखा और गेंद को ऑफ स्टंप से बाहर फेंका. गिल ने इस चाल को समय रहते भांप लिया. उन्होंने बिना किसी ताकत के, बेहद खूबसूरती से गेंद का इंतजार किया और बैकफुट पर जाकर गेंद को कट करते हुए पॉइंट और थर्ड मैन के बीच से चार रनों के लिए गाइड कर दिया. गेंद सीमा रेखा पार कर गई. गिल के चेहरे पर एक शांत मुस्कान थी और उन्होंने कोहली से जाकर ग्लव्स मिलाए, जबकि सील्स के पास उन्हें सिर्फ घूरने के अलावा कोई जवाब नहीं था.
तीसरी गेंद बैक ऑफ ए लेंथ बाहर की तरफ थी. गिल ने बेहद सहूलियत के साथ इसे स्क्वायर ऑफ द विकेट पंच किया और एक रन लेकर स्ट्राइक कोहली को दे दी. अब तक ओवर से 11 रन आ चुके थे, लेकिन असली तूफान आना अभी बाकी था.
कोहली का आक्रामक रुख
चौथी गेंद पर जयडेन सील्स ने शॉर्ट बॉल डालने का जोखिम उठाया. विराट कोहली ऐसे मौकों को कहां छोड़ने वाले थे. गेंद की लेंथ जैसे ही छोटी हुई, कोहली तुरंत बैकफुट पर गए और डीप मिड-विकेट के ऊपर से ऐसा सपाट और कड़क पुल शॉट खेला कि गेंद सीधे छह रनों के लिए चली गई. इस शॉकिंग शॉट को देखकर सील्स के चेहरे पर बेबसी की हंसी आ गई और उन्होंने सिर हिलाकर कोहली के शॉट की तारीफ की.
स्लॉट में गेंद और लॉफ्टेड ड्राइव
पांचवीं गेंद पर सील्स दबाव में पूरी तरह अपनी लेंथ भूल बैठे. पिछली गेंद के छक्के से घबराकर उन्होंने गेंद को पूरी तरह ओवरपिच और स्लॉट में डाल दिया. कोहली ने इस तोहफे को खुशी-खुशी स्वीकार किया. उन्होंने मिड-ऑफ के ऊपर से मनमोहक लॉफ्टेड ड्राइव खेला. गेंद एक टप्पा खाकर सीमा रेखा के पार चार रनों के लिए चली गई. इस शॉट का आनंद खुद कोहली ने भी लिया और गेंद को बाउंड्री जाते देख उनके मुंह से भी तारीफ निकल पड़ी.
ओवर का चौके से अंत
छठी और आखिरी गेंद पर भी सील्स को कोई राहत नहीं मिली. उन्होंने गेंद फुल और स्टंप्स की लाइन में फेंकी. कोहली ने कलाई के सहारे गेंद को फ्लिक किया और डीप में मौजूद दो फील्डरों के बीच से गेंद को खूबसूरती से निकाल दिया. गेंद हवा में जरूर थी, लेकिन पूरी तरह गैप में थी. चार रन और खाते में जुड़ गए. इस तरह जयडेन सील्स के इस एक ही ओवर में 6, 4, 1, 6, 4, 4 के क्रम में कुल 25 रन बने. जिस गेंदबाज पर कैरेबियाई टीम भरोसा जता रही थी, उसी की बॉलिंग का धागा भारतीय बल्लेबाजों ने खोल दिया.
गिल का रिकॉर्ड और ऐतिहासिक क्लब
इसी धमाकेदार पारी के दौरान शुभमन गिल ने अपने नाम एक बड़ा रिकॉर्ड भी दर्ज कर लिया. वह एक कैलेंडर वर्ष में दो बार 150 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के 14वें बल्लेबाज बन गए. इस लिस्ट में सात भारतीय दिग्गज शामिल हैं. सौरव गांगुली (1999), गौतम गंभीर (2009), सचिन तेंदुलकर (2009), वीरेंद्र सहवाग (2011), विराट कोहली (2018), रोहित शर्मा (2018) के बाद अब 2026 में शुभमन गिल ने इस खास क्लब में अपनी जगह बना ली है. बारसापारा का यह ओवर क्रिकेट के इतिहास में भारतीय बल्लेबाजी के दबदबे की एक यादगार मिसाल बन गया