ग्लो के लिए AHA-BHA लगा रहे हैं? सही इस्तेमाल नहीं किया तो बिगड़ सकती है स्किन, इन बातों का रखें ध्यान

ग्लो के लिए AHA-BHA लगा रहे हैं? सही इस्तेमाल नहीं किया तो बिगड़ सकती है स्किन, इन बातों का रखें ध्यान


AHA BHA For Glowing Skin: चेहरे पर ग्लो चाहिए तो सिर्फ महंगे प्रोडक्ट खरीदना काफी नहीं होता. उन्हें सही तरीके और सही मात्रा में इस्तेमाल करना भी उतना ही जरूरी है. AHA और BHA ऐसे ही एक्टिव इंग्रीडिएंट हैं, जिन्हें डेड स्किन हटाने और त्वचा को ज्यादा स्मूद दिखाने के लिए स्किनकेयर रूटीन में शामिल किया जाता है. लेकिन पहली बार इस्तेमाल करने वालों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि कौन सा एसिड उनकी त्वचा के लिए सही है, इसे कितनी बार लगाना चाहिए और किन प्रोडक्ट्स के साथ नहीं मिलाना चाहिए.

जल्दबाजी में किया गया एक्सफोलिएशन चेहरे पर जलन, रूखापन या लालिमा की वजह बन सकता है. इसलिए इन एक्टिव्स को रूटीन में शामिल करने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां समझ लेना बेहतर है.

AHA और BHA में क्या अंतर है?

AHA और BHA दोनों केमिकल एक्सफोलिएंट हैं, लेकिन त्वचा पर इनके काम करने का तरीका अलग होता है. AHA, जैसे ग्लाइकोलिक एसिड और लैक्टिक एसिड, मुख्य रूप से त्वचा की सतह पर काम करते हैं. इनका इस्तेमाल डेड स्किन सेल्स को हटाने और त्वचा को ज्यादा स्मूद दिखाने के लिए किया जाता है. वहीं BHA, खासकर सैलिसिलिक एसिड, ऑयल सॉल्युबल होता है. इसलिए यह त्वचा के पोर्स के भीतर मौजूद अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने में मदद कर सकता है. ऑयली या मुंहासों वाली त्वचा में BHA वाले प्रोडक्ट अक्सर इस्तेमाल किए जाते हैं. हालांकि, सिर्फ स्किन टाइप देखकर प्रोडक्ट चुनना पर्याप्त नहीं है. आपकी त्वचा की संवेदनशीलता और मौजूदा स्किनकेयर रूटीन को भी ध्यान में रखना चाहिए.

इस्तेमाल की शुरुआत कैसे करें?

पैच टेस्ट को न करें नजरअंदाज

पहली बार AHA या BHA इस्तेमाल कर रहे हैं तो सीधे पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय पैच टेस्ट करना बेहतर है. कान के पीछे या हाथ की छोटी जगह पर थोड़ी मात्रा लगाकर त्वचा की प्रतिक्रिया देखें. अगर वहां तेज जलन, खुजली या असामान्य लालिमा दिखाई दे तो चेहरे पर इसका इस्तेमाल न करें. बहुत संवेदनशील त्वचा होने पर किसी स्किन एक्सपर्ट से सलाह लेना भी बेहतर विकल्प है.

शुरुआत कम फ्रीक्वेंसी से करें

एसिड को रोज लगाने की जरूरत नहीं होती. शुरुआत में सप्ताह में एक या दो बार इस्तेमाल करना ज्यादा व्यावहारिक तरीका है. अगर त्वचा इसे आसानी से सहन करती है तो जरूरत के अनुसार धीरे-धीरे फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकती है. एक्सफोलिएशन को ज्यादा करने से त्वचा रूखी, लाल या संवेदनशील महसूस हो सकती है. इसलिए चेहरे पर ज्यादा प्रोडक्ट लगाना बेहतर रिजल्ट की गारंटी नहीं है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

AHA और BHA के साथ किन चीजों से बचें?

एक ही स्किनकेयर रूटीन में कई स्ट्रॉन्ग एक्टिव इंग्रीडिएंट्स इस्तेमाल करने से जलन का जोखिम बढ़ सकता है. अगर आप AHA या BHA लगा रहे हैं तो उसी समय रेटिनॉल जैसे एक्टिव्स को जोड़ने से पहले सावधानी बरतें. विटामिन C या दूसरे एक्टिव प्रोडक्ट्स को भी अपनी त्वचा की सहनशीलता के अनुसार रूटीन में शामिल करें. शुरुआत में अलग-अलग दिनों पर एक्टिव्स इस्तेमाल करना आसान तरीका हो सकता है. इससे यह समझना भी आसान रहता है कि किसी प्रोडक्ट से त्वचा पर परेशानी तो नहीं हो रही.

मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन क्यों जरूरी हैं?

AHA या BHA इस्तेमाल करने के बाद त्वचा में रूखापन महसूस हो सकता है. इसलिए एक्सफोलिएशन के बाद एक साधारण हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर लगाना अच्छा रहता है. इससे त्वचा को आराम देने और नमी बनाए रखने में मदद मिलती है. दिन के समय सनस्क्रीन को रूटीन का हिस्सा बनाना भी जरूरी है. खासकर AHA जैसे एक्सफोलिएंट इस्तेमाल करते समय धूप से त्वचा की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए. कम से कम SPF 30 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन इस्तेमाल किया जा सकता है और बाहर रहने पर उसे दोबारा लगाने की जरूरत हो सकती है. अगर इस्तेमाल के बाद लगातार जलन, सूजन, तेज लालिमा या त्वचा में असहजता महसूस हो तो प्रोडक्ट बंद कर दें. केवल ग्लो पाने के लिए त्वचा को बार-बार एक्सफोलिएट करना सही तरीका नहीं है.



Source link