नई दिल्ली. वनडे क्रिकेट के इतिहास में 10,000 रनों का आंकड़ा छूना किसी भी बल्लेबाज के करियर का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित पड़ाव माना जाता है. यह मील का पत्थर केवल बल्लेबाज के कौशल और प्रतिभा को ही साबित नहीं करता, बल्कि वर्षों तक लगातार बनाए रखी गई उसकी निरंतरता और फिटनेस का भी प्रमाण देता है. जब वनडे इतिहास में सबसे तेजी से 10,000 रन बनाने वाले दिग्गजों पर नजर डालते हैं, तो शीर्ष स्थानों पर भारतीय बल्लेबाजों का एकछत्र दबदबा नजर आता है. आइए जानते हैं उन 5 दिग्गज बल्लेबाजों के बारे में, जिन्होंने सबसे कम पारियों में इस जादुई आंकड़े को पार कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया.
24 अक्टूबर 2018 में विशाखापत्तनम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में विराट कोहली (Virat Kohli) ने वह कारनामा कर दिखाया, जिसकी कल्पना भी आसान नहीं थी. अपने करियर के 213वें मैच और केवल 205वीं पारी में उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपने 10,000 रन पूरे कर लिए. 18 अगस्त 2008 को अपने वनडे करियर का आगाज करने वाले कोहली को इस उपलब्धि तक पहुंचने में 10 साल और 67 दिन लगे. कोहली ने न केवल सबसे कम पारियों में बल्कि समय के लिहाज से भी बेहद तेजी से यह रिकॉर्ड बनाया. उस मैच में उनकी पारी ने पूरी दुनिया को यह संदेश दे दिया कि मॉडर्न क्रिकेट में निरंतरता का दूसरा नाम विराट कोहली है.
‘हिटमैन’ का ऐतिहासिक और अदम्य सफर
12 सितंबर 2023 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित आर. प्रेमदासा स्टेडियम एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना. श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए भारत के सलामी बल्लेबाज और कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने अपने वनडे करियर के 10,000 रन पूरे किए. 23 जून 2007 को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले रोहित के लिए यह मुकाम हासिल करने की यात्रा बेहद उतार-चढ़ाव भरी रही थी. करियर के शुरुआती दौर में मध्यक्रम में संघर्ष करने के बाद जब उन्हें ओपनिंग का जिम्मा मिला, तो उन्होंने अपने खेल का अंदाज ही बदल दिया. रोहित ने अपने 248वें मैच और 241वीं पारी में 10,000 रनों का यह मुकाम छुआ. डेब्यू के बाद से उन्हें यहां तक पहुंचने में 16 साल और 81 दिन लगे, लेकिन जिस रफ्तार से उन्होंने ओपनर बनने के बाद रन बनाए, उसने उन्हें इतिहास में दूसरा सबसे तेज बल्लेबाज बना दिया.
रिकॉर्ड का शिखर छूने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर
31 मार्च 2001 को इंदौर के होल्कर मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने खड़े सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने एक ऐसा रिकॉर्ड कायम किया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नया मानक बन गया. 18 दिसंबर 1989 को महज 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ अपना करियर शुरू करने वाले ‘मास्टर ब्लास्टर’ ने अपने 266वें मैच और 259वीं पारी में 10,000 रनों का आंकड़ा पार किया. इस ऐतिहासिक पड़ाव तक पहुंचने में सचिन को 11 साल और 103 दिन का समय लगा. सचिन उस समय वनडे इतिहास में 10,000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे, और उनकी इस पारी ने भारतीय क्रिकेट में एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर दिया था.
‘दादा’ सौरव गांगुली की निडरता और असाधारण बल्लेबाजी
3 अगस्त 2005 को डंबुला के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने भी अपना नाम 10,000 रन बनाने वाले दिग्गजों की सूची में दर्ज कराया. 11 जनवरी 1992 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले ‘द प्रिंस ऑफ कोलकाता’ ने अपने करियर के 272वें मैच और 263वीं पारी में यह विशाल उपलब्धि अपने नाम की. डेब्यू से लेकर इस मील के पत्थर तक पहुंचने में उन्हें 13 साल और 204 दिन लगे. गांगुली की यह उपलब्धि उनके जुझारूपन और क्रीज पर उनके आक्रामक रवैये का प्रमाण थी, जिसने भारतीय क्रिकेट को विदेशों में भी जीतना सिखाया.
कप्तान रिकी पोंटिंग का दबदबा और आक्रामकता
24 मार्च 2007 को विश्व कप के दौरान बासेटेरे के मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के महान कप्तान रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) ने 10,000 रनों के क्लब में प्रवेश किया. 15 फरवरी 1995 को अपना डेब्यू करने वाले पोंटिंग ने अपने 272वें मैच और 266वीं पारी में यह मुकाम हासिल किया. उन्हें इस आंकड़े तक पहुंचने में 12 साल और 37 दिन का समय लगा. पोंटिंग की आक्रामक बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के स्वर्णिम दौर का सबसे अहम स्तंभ बनाया.