गोल्ड की मंजिल अभी बाकी है… नरेंद्र बेरवाल ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार जीता ब्रॉन्ज

गोल्ड की मंजिल अभी बाकी है… नरेंद्र बेरवाल ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार जीता ब्रॉन्ज


नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड से चूकने के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य लेकर उतरे भारतीय बॉक्सर सूबेदार नरेंद्र बेरवाल को एक बार फिर ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा. पुरुषों के 90+ किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में नरेंद्र को मौजूदा विश्व चैंपियन कजाकिस्तान के आइबेक ओरलबाय के खिलाफ 0-5 से हार मिली. सेमीफाइनल में हार के साथ नरेंद्र ने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.

दूसरी बार एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज
नरेंद्र बेरवाल ने इससे पहले 2022 एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था. ये खेल 2023 में आयोजित हुए थे. इस तरह नरेंद्र ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज पदक हासिल किया है. उन्होंने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में भी भारत के लिए पदक जीते हैं.

कॉमनवेल्थ में सिल्वर के बाद लिया था गोल्ड का संकल्प
नरेंद्र बेरवाल ने अगस्त 2026 में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था. पुरुषों के 90+ किलोग्राम फाइनल में उन्हें इंग्लैंड के डैमर थॉमस के खिलाफ 0-5 से हार मिली थी.

फाइनल के बाद नरेंद्र ने कहा था कि गोल्ड नहीं जीत पाने की कमी वह एशियन गेम्स में पूरी करने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा था, “एशियन गेम्स में इसकी भरपाई करूंगा.” हालांकि, एशियन गेम्स में भी उनका सफर सेमीफाइनल में रुक गया और उन्हें ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा.

हरियाणा के गांव से भारतीय सेना तक का सफर
नरेंद्र बेरवाल हरियाणा के हिसार जिले के सोरखी गांव से आते हैं. उनका परिवार खेती से जुड़ा है. उन्होंने छोटी उम्र में ही बॉक्सिंग शुरू कर दी थी. शुरुआती दौर में उन्होंने कोच देवराज सिहाग से ट्रेनिंग ली. बाद में वे भारतीय सेना में शामिल हुए और सेना में रहते हुए बॉक्सिंग का सफर जारी रखा.

नरेंद्र ने जूनियर स्तर पर भी भारत के लिए पदक जीते. उन्होंने यूथ वर्ल्ड कप में सिल्वर और यूथ एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज पदक जीता था. इसके बाद सीनियर स्तर पर उन्होंने साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड भी हासिल किया.

2025 में भी लगातार जीते पदक
नरेंद्र का हालिया प्रदर्शन भी लगातार मजबूत रहा है. उन्होंने 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में ब्रॉन्ज और उसी साल हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स में सिल्वर पदक जीता. 2026 में उन्होंने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज और कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर अपने नाम किया.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नरेंद्र के सिल्वर के साथ भारत ने बॉक्सिंग में कुल 10 पदक—7 गोल्ड और 3 सिल्वर जीते थे. यह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग का अब तक का सबसे सफल अभियान रहा.

अब ब्रॉन्ज से आगे बढ़ने की चुनौती
नरेंद्र बेरवाल के लिए एशियन गेम्स का ब्रॉन्ज लगातार दूसरी बार आया है. कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर और अब एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज के बाद उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में पदकों का सिलसिला जारी है. हालांकि, जिस गोल्ड के लिए उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद अगला लक्ष्य तय किया था, वह इस बार भी उनके हाथ नहीं आया.



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