करीमा मेहराब कौन, जिन पर बनी KAAD? बलूच महिला लड़ाका कैसे पाकिस्तान का काल
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बलूचिस्तान की महिला फाइटर्स ने पाकिस्तान की आर्मी के काफिले पर बड़ा हमला करके बड़ा जख्म दे दिया. ये KAAD आखिर है क्या और करीमा नाम की वो कौन सी लड़की थी, जिसके नाम पर इस फोर्स का गठन हुआ है?
बलूच KAAD फोर्स
बलूच लड़ाकों ने पाकिस्तान की नाक में दम कर रखा है. यहां के अशांत प्रांत बलूचिस्तान से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है. बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहे उग्रवादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने अपनी पहले महिला लड़ाकू दस्ते यानी कि ऑल-वुमेन कॉम्बैट यूनिट ‘KAAD’ का गठन किया है. इस लेडी ब्रिगेड ने मैदान-ए-जंग में उतरते ही पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला कर दिया है, जिसमें 9 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है. BLF के मीडिया विंग आशूब की तरफ जारी किए गए वीडियो और फुटेज के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और शहबाज शरीफ सरकार में हड़कंप मच गया है. ये KAAD आखिर है क्या और करीमा नाम की वो कौन सी लड़की थी, जिसके नाम पर इस फोर्स का गठन हुआ है?
KAAD क्या है?
KAAD का पूरा नाम ‘करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन’ (Karima Armed Assault Division) है. यह बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) का नया बना फ्रंटलाइन ऑल-वुमेन विंग मतलब कि महिला कॉम्बैट दस्ता है. कई सालों की कड़ी सैन्य ट्रेनिंग के बाद इस यूनिट को तैयार किया गया है. इसका मुख्य काम पाकिस्तानी सेना, चीनी प्रोजेक्ट्स (CPEC) और सुरक्षा बलों के काफिलों पर गुरिल्ला हमले करना, स्नैप चेकिंग यानी नाकाबंदी करना और मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम देना है.
करीमा बलोच कौन थीं?
‘KAAD’ का नाम प्रसिद्ध बलूच मानवाधिकार ऐक्टिविस्ट्स और स्टूडेंट्स के हक की बात करने वाली करीमा बलोच के नाम पर रखा गया है. करीमा मेहराब असली नाम था जो बलूच आंदोलन का चेहरा बन गईं. वो बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन आजाद की पहली महिला चीफ थीं. उन्होंने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की तरफ से लोगों को गायब करने और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ दुनिया भर में मंचों पर आवाज उठाई थी.
The Balochistan Liberation Front (BLF) released footage of the first armed operation by its women’s unit, “Kaad,” showing fighters opening fire on Pakistani military vehicles, including an armored vehicle. pic.twitter.com/XZAjIO7vDG