सुकन्या समृद्धि योजना, PPF और पोस्ट ऑफिस की दूसरी छोटी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वालों के लिए 30 सितंबर 2026 अहम दिन है. CNBC आवाज के मुताबिक- वित्त मंत्रालय अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए इन योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करेगा. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगी या मौजूदा दरों को ही बरकरार रखेगी. अगर दरें बढ़ती हैं तो दिसंबर 2024 के बाद यह पहला मौका होगा जब छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज में बदलाव देखने को मिलेगा.
फिलहाल पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट पर 4 फीसदी ब्याज मिल रहा है. 1 साल की टाइम डिपॉजिट पर 6.90 फीसदी, 2 साल पर 7 फीसदी, 3 साल पर 7.10 फीसदी और 5 साल की टाइम डिपॉजिट पर 7.50 फीसदी ब्याज है. 5 साल की RD पर 6.70 फीसदी और मंथली इनकम अकाउंट पर 7.40 फीसदी ब्याज मिल रहा है. वहीं NSC पर 7.70 फीसदी, PPF पर 7.10 फीसदी, SCSS पर 8.20 फीसदी और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.20 फीसदी ब्याज मिल रहा है.
सुकन्या और PPF वालों के लिए क्यों खास है ये फैसला
सुकन्या समृद्धि योजना और PPF लंबे समय के निवेश के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रमुख छोटी बचत योजनाएं हैं. खासकर सुकन्या में बेटियों के भविष्य के लिए निवेश किया जाता है, जबकि PPF में लंबी अवधि की बचत के साथ टैक्स लाभ भी मिलता है. इसलिए ब्याज दर में छोटा बदलाव भी लंबे समय में मिलने वाली रकम पर असर डाल सकता है. यही वजह है कि 30 सितंबर को होने वाली समीक्षा पर निवेशकों की खास नजर है.
महंगाई बढ़ी, तो क्या बढ़ेगा ब्याज?
ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद के पीछे महंगाई और सरकारी बॉन्ड यील्ड का तर्क दिया जा रहा है. अप्रैल 2026 में CPI महंगाई 3.48 फीसदी थी, जो अगस्त में बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई. हालांकि यह अभी भी RBI के 6 फीसदी के ऊपरी लक्ष्य से नीचे है. दूसरी तरफ हाल के महीनों में 10 साल की सरकारी प्रतिभूतियों की यील्ड 7 फीसदी से ऊपर रही है. ये दोनों चीजें छोटी बचत योजनाओं की दरों में बदलाव की गुंजाइश की ओर इशारा करती हैं.
लेकिन ब्याज बढ़ना तय नहीं है
यह मान लेना सही नहीं होगा कि सरकार इस बार ब्याज दर जरूर बढ़ाएगी. छोटी बचत योजनाओं में पहले से मजबूत जमा और कई स्कीमों पर आकर्षक रिटर्न मौजूद है. ऐसे में सरकार मौजूदा दरों को जारी रखने का फैसला भी कर सकती है. दिसंबर 2024 में सुकन्या समृद्धि अकाउंट और 3 साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की दर बढ़ाई गई थी. उसके बाद से छोटी बचत योजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
30 सितंबर के फैसले से क्या बदलेगा?
अब असली नजर 30 सितंबर की समीक्षा पर है. सरकार अगर दरें बढ़ाती है तो PPF, सुकन्या, NSC, SCSS, पोस्ट ऑफिस FD और दूसरी छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों को मौजूदा रिटर्न से ज्यादा ब्याज मिल सकता है. अगर दरें नहीं बदलीं तो अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मौजूदा दरें ही लागू रहेंगी. इसलिए अगर आपका पैसा इनमें लगा है या आप नया निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं, तो 30 सितंबर के फैसले पर नजर रखना जरूरी है.