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Jhunjhunu Surajdas Death Lohargal Entry Ban: झुंझुनूं के लोहार्गल में संत सूरजदास की पार्थिव देह लाए जाने के बाद तनाव बढ़ गया है. प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए संतों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है. लोहार्गल बंद है और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. प्रदर्शन कर रहे संतों और लोगों की मांग है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए.
तीर्थ स्थल लोहार्गल पूरी तरह बंद, संतों ने गोल्याणा सर्किल पर डाला डेरा
झुंझुनूं. जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोहार्गल में मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया. संत सूरजदास का पार्थिव देह पहाड़ी से नीचे लाए जाने के बाद लोहार्गल पूरी तरह बंद कर दिया गया है. श्रद्धालुओं के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है. प्रदेशभर से पहुंचे संत और स्थानीय लोग प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं. गोल्याणा सर्किल पर संतों ने धरना शुरू कर दिया है और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
संत सूरजदास के पार्थिव देह को पहाड़ी से नीचे लाए जाने के बाद इलाके में आक्रोश और बढ़ गया. बड़ी संख्या में संत मौके पर पहुंचे. प्रदर्शन कर रहे संतों और लोगों की मांग है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए. इसी मांग को लेकर लोहार्गल में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है.
लोहार्गल में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक
विरोध प्रदर्शन के बीच लोहार्गल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. तीर्थ स्थल पर अचानक लगाए गए प्रतिबंध के कारण बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मौके पर मौजूद संतों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. गोल्याणा सर्किल पर संतों का धरना शुरू हो चुका है. प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से संत लोहार्गल पहुंच रहे हैं और प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं.
प्रशासनिक लापरवाही का आरोप
प्रदर्शन कर रहे संतों ने मामले में प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि संतों की सुरक्षा और तीर्थ स्थल की व्यवस्था को लेकर गंभीरता से काम नहीं किया गया. इसी वजह से अब वे जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. संतों की ओर से लोहार्गल में तत्काल पुलिस थाना स्थापित करने की मांग भी उठाई गई है. उनका कहना है कि तीर्थ स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और यहां स्थायी पुलिस व्यवस्था की जरूरत है. पुलिस थाना होने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ किसी भी घटना के बाद तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी.
पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा ने सरकार पर साधा निशाना
लोहार्गल में चल रहे प्रदर्शन के बीच पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा भी सरकार पर निशाना साधते नजर आए. उन्होंने संतों की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए. डॉ. शर्मा ने कहा कि सरकार हेलिकॉप्टर से फूल बरसाने की बात करती है, लेकिन संतों के लिए व्यवस्था नहीं की जा रही. उन्होंने कहा कि संतों की सरकार के राज में संतों की हालत सभी के सामने है. उनके इस बयान के बाद लोहार्गल का मामला राजनीतिक चर्चा में भी आ गया है.
मांगों पर अड़े संत, पुलिस थाना बनाने की मांग
फिलहाल लोहार्गल में संतों का धरना जारी है. प्रदेशभर से आए संत अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग आरोपियों की गिरफ्तारी, प्रशासनिक लापरवाही पर कार्रवाई और लोहार्गल में तत्काल पुलिस थाना स्थापित करना है. संत सूरजदास का पार्थिव देह पहाड़ी से नीचे लाए जाने के बाद शुरू हुआ यह विरोध अब बड़े प्रदर्शन में बदल गया है. लोहार्गल बंद होने और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक के कारण तीर्थ स्थल की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं. प्रशासन की ओर से स्थिति को देखते हुए आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.