किस पर पत्थर चला रहे हो? उज्जैन में विवाद पर भड़के एक्टर संजय मेहता, कहा-मस्जिद पर ही हंगामा क्यों

किस पर पत्थर चला रहे हो? उज्जैन में विवाद पर भड़के एक्टर संजय मेहता, कहा-मस्जिद पर ही हंगामा क्यों


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Ujjain News: सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने पर विवाद हो गया. पुलिस पर पत्थरबाजी भी की गई. बाद में मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट भी गया, जहां से उन्हें निराशा हाथ लगी. समझौते के तहत शाही मस्जिद का पहला हिस्सा 3.5 फीट और दूसरा हिस्सा 8 फीट गिरेगा, बाकी मस्जिद सुरक्षित रहेगी. बड़ी मीनार को दूसरी ओर शिफ्ट किया जाएगा और मस्जिद से लगे दुकानों के लिए दूसरी जगह दी जाएगी. अब इस पर संजय मेहता का बयान सामने आया है.

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उज्जैन में हुई पत्थरबाजी को लेकर भड़के संजय मेहता (फोटो सोर्स- Mosques Of India)

Ujjain News: उज्जैन में इस समय सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारियां चल रही हैं. इसी वजह से सड़क को चौड़ा करने का काम भी चल रहा है, जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव का भी मकान जद में आया था, जिस पर उन्होंने खुद हथौड़ा चलाया था. लेकिन सड़क चौड़ीकरण के काम में बताया जा रहा है कि एक 650 साल पुरानी शाही मस्जिद भी आ रही है. जब मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम शुरू किया गया था, तब वहां अचानक भीड़ जमा हो गई और पत्थरबाजी की गई. अब इसको लेकर एक्टर संजय मेहता ने कड़े सवाल पूछे हैं. संजय धुरंधर फिल्म में अब्दुल भुट्टावी का किरदार निभा चुके हैं.

उज्जैन उपद्रव पर फिल्म एक्टर संजय मेहता ने पत्थरबाजी करने वालों से सीधा सवाल पूछते हुए कहा कि किसके खिलाफ पत्थर चला रहे हो? पत्थरबाजी देश की व्यवस्था के खिलाफ है. पत्थर फेंकने वालों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए. सरकार व्यवस्था के लिए है. पत्थर फेंकना और उन्माद फैलाना ठीक नहीं है. देश की व्यवस्था. उसे मानना होगा.

नियम सबके लिए एक हैं: संजय मेहता
संजय मेहता ने कहा कि मस्जिद हो या मंदिर. नियम सबके लिए एक हैं. सिर्फ मस्जिद नहीं टूट रही, मंदिर और लोगों के सपनों के घर भी टूटे हैं. मुख्यमंत्री का मकान भी टूटा, फिर पत्थर किसके खिलाफ चलाए जा रहे हैं? क्या देश के खिलाफ पत्थर चला रहे हैं. मंदिर और घर टूटने पर सवाल नहीं, मस्जिद को लेकर ही हंगामा क्यों? उपद्रव करने वालों से उन्होंने कहा कि देश में न्यूसेंस क्रिएट मत करो.

हिंसा किसी भी धर्म के नाम पर स्वीकार नहीं: अब्दुल भुट्टावी
उन्होंने कहा कि मस्जिद के नाम पर पत्थर चलाने वालों पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि शायद इनमें से कुछ लोग नमाज में भी नहीं जाते होंगे. हिंसा किसी भी धर्म के नाम पर हो, स्वीकार नहीं है. उज्जैन में महाकुंभ की तैयारियां चल रही हैं, विकास में अवरोध क्यों? अब्दुल भुट्टावी जैसे लोग चाहते हैं देश में पत्थर चले. नफरत की आग जलती रहे. नफरत और हिंसा से देश को जलाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.

गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर क्या बोले अभिनेता संजय मेहता?
गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर धुरंधर फिल्म के अभिनेता संजय मेहता ने कहा कि गरबा हिंदुओं का त्योहार है, वैसे भी इस्लाम में मूर्ति पूजा की परंपरा नहीं है. इस्लाम में लिखा है कि अगर आप ऐसे गैर-मुस्लिम धर्म के कार्यक्रम में शामिल होंगे, तो काफिर हो जाएंगे. तो फिर इनका गरबे में क्या काम, गरबे में जाना ही क्यों? अगर हम नमाज पढ़ने नहीं जा सकते तो गरबे में इनका क्या काम? गरबा पंडाल में पहचान पत्र देखकर ही एंट्री होनी चाहिए. यह पता तो चले कि राम की एंट्री हो रही है या फिर अब्दुल की.

(रिपोर्ट-मिथिलेश गुप्ता)



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