CM विजय ‘मामा’ की सोने की अंगूठी, नवजातों को कैसे पहुंचा सकती है नुकसान, डॉक्टर की सलाह याद कर लें पेरेंट्स

CM विजय ‘मामा’ की सोने की अंगूठी, नवजातों को कैसे पहुंचा सकती है नुकसान, डॉक्टर की सलाह याद कर लें पेरेंट्स


तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने अपना चुनावी वादा पूरा करने की शुरुआत सोमवार को कर दी. उन्होंने राज्य के नवजात शिशुओं के लिए 22 कैरेट एक-ग्राम सोने की अंगूठी की योजना 28 सितंबर को शुरू कर दी. थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम जिसे हिंदी में मामा स्वर्ण अंगूठी योजना कहते हैं, का शुभारंभ मदुरै के अस्पताल से किया. टीवीके चीफ विजय ने कुछ नवजातों को खुद अपने हाथों से सोने की अंगूठी पहनाई. यह देखकर पेरेंट्स की खुशी का ठिकाना नहीं था. उनका कहना था कि यह सोने की अंगूठी से ज्यादा सीएम के अमूल्य तोहफे के रूप में उनके बच्चे के पास रहेगी.

हालांकि इस खुशी में कहीं ऐसा न हो कि पेरेंट्स एक बड़ी गलती कर बैठें और उसका खामियाजा बाद में भुगतना पड़े. विशेषज्ञों की मानें तो दक्षिण भारतीय राज्यों में वैसे भी सोना पहनना काफी कॉमन है, ऐसे कहीं ऐसा न हो कि मुख्यमंत्री की स्कीम के तहत मिल रही सोने की अंगूठी को पेरेंट्स खुशी-खुशी में अपने नवजातों को पहनाकर ही रखें. डॉक्टरों का कहना है कि इसके कई संभावित गंभीर नुकसान हो सकते हैं.

लिहाजा पेरेंट्स के लिए इसे एक अलार्मिंग सलाह भी कह सकते हैं, जिसके बारे में डॉ. अन्विता सिंह, सीनियर कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक्स एवं नियोनेटोलॉजी, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, विस्तार से बता रही हैं.

डॉक्टर अन्विता कहती हैं कि नवजात बच्चे को सोने की अंगूठी गिफ्ट करना या फौरी तौर पर पहनाना एक अच्छा कदम है, लेकिन इसे बच्चे को पहनाकर रखना सुरक्षित नहीं माना जाता.

वे कहती हैं कि आमतौर पर नवजात शिशुओं को कोई भी गहना (अंगूठी, चेन, कड़ा आदि) पहनाने की सलाह नहीं दी जाती. सोना शुद्ध धातु होने पर भी कई अन्य तरह के जोखिम पैदा कर सकता है, जिससे बच्चे के लिए खतरा हो सकता है.

खून के संचार में रुकावट

डॉ. कहती हैं कि नवजात बहुत कोमल होते हैं. अंगूठी पहनने से नवजात की उंगलियां बहुत जल्दी सूज सकती हैं. आमतौर पर गर्मी के मौसम, बच्चे के रोने या सामान्य वृद्धि से यह उंगलियों में सख्त हो सकती है. अंगूठी थोड़ी भी टाइट हो जाए तो खून का प्रवाह रुक सकता है. देर होने पर उंगली में सूजन, दर्द या गंभीर मामलों में ऊतक क्षति हो सकती है.

निगलने या दम घुटने का खतरा

बच्चे अक्सर मुंह में उंगली या हाथ देते हैं. अगर बच्चे को अंगूठी पहनाई है तो वह आसानी से उंगली से निकल सकती है और बच्चा उसे मुंह में डाल सकता है. यह छोटा टुकड़ा गले में फंसने का खतरा रहता है. इससे बच्चे की जान तक जा सकती है.

त्वचा में जलन और एलर्जी

नवजात की त्वचा बेहद नाजुक होती है. सोने में मिलावट (निकेल, कॉपर आदि) होने पर लालिमा, खुजली, रैश या संक्रमण हो सकता है. शुद्ध 24 कैरेट सोना अपेक्षाकृत सुरक्षित है, लेकिन फिर भी रगड़ से जलन हो सकती है.

चोट लगना

छोटे बच्चे हाथ-पैर फेंकते हैं, यही उनकी एक्सरसाइज होती है. इस दौरान अगर गलती से भी अंगूठी की धार या किनारा बच्चे के मुंह, आंख या किसी अंग पर लगा तो नुकसान हो सकता है. नाजुक त्वचा को खरोंच सकता है. बच्चा हाथ हिलाते समय खुद को या दूसरों को चोट पहुंचा सकता है.

संक्रमण का खतरा

गहने में गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, जो बच्चे की त्वचा के संपर्क में आने पर संक्रमण फैला सकते हैं. जबकि नवजातों को सबसे ज्यादा सफाई की जरूरत होती है.

क्या करें?

डॉ. अन्विता कहती हैं कि सबसे सुरक्षित विकल्प है कि नवजात को कोई गहना न पहनाएं. जो अंगूठी मिली है उसे उतारकर और संभालकर रख दें. फोटो या रीति-रिवाज के लिए थोड़ी देर के लिए पहनाएं तो पूरा ध्यान रखें और तुरंत उतार दें. सोते समय या अकेले छोड़ते समय बिल्कुल न पहनाएं.



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