Bihar Flood : गंडक ने तोड़ा 2024 का रिकॉर्ड, चंपारण तटबंध पर बढ़ा दबाव, अब तीसरी जगह टूटा

Bihar Flood : गंडक ने तोड़ा 2024 का रिकॉर्ड, चंपारण तटबंध पर बढ़ा दबाव, अब तीसरी जगह टूटा


पटना/पश्चिम चंपारण. नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. वाल्मीकिनगर गंडक बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद पश्चिम चंपारण से लेकर पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली तक तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है. इसी बीच चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की एक और सूचना सामने आई है. इससे पहले पश्चिम चंपारण में दो जगह तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ था. वहीं, स्थानीय विधायक ने मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

बगहा में गंडक ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड

जल संसाधन विभाग के मुताबिक बगहा गेज स्थल पर गंडक नदी का जलस्तर 91.25 मीटर पहुंच गया है. यह अब तक का सबसे अधिक जलस्तर है. इससे पहले 2024 में यहां नदी का जलस्तर 90.90 मीटर दर्ज किया गया था. यानी इस बार पानी का स्तर पिछले रिकॉर्ड से 0.35 मीटर अधिक पहुंच गया है. 28 सितंबर की सुबह 6 बजे वाल्मीकिनगर बराज से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. बराज पर करीब 13 घंटे तक जलश्राव पांच लाख क्यूसेक से अधिक रहा, जबकि 32 घंटे तक यह चार लाख क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया.

पश्चिम चंपारण में दो जगह तटबंध क्षतिग्रस्त

गंडक के बढ़े जलस्तर के बीच 28-29 सितंबर की मध्यरात्रि पश्चिम चंपारण जिले में चंपारण तटबंध दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ. इनमें बगहा-1 प्रखंड का खैरतवा गांव और बैरिया प्रखंड का फुलियाखाड़ गांव शामिल हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में भी गंडक के दायें तट पर बने तटबंध के एक स्थान पर क्षतिग्रस्त होने की सूचना है. इन स्थानों पर जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें बचाव और मरम्मत के काम में जुटी हैं.

169 जगहों पर सीपेज और पाइपिंग

गंडक में अप्रत्याशित जलश्राव के कारण तटबंधों पर भारी दबाव बना हुआ है. कई स्थानों पर सीपेज, पाइपिंग और ओवरटॉपिंग की स्थिति सामने आई है. जल संसाधन विभाग के अनुसार अब तक 169 स्थानों पर सीपेज और पाइपिंग की समस्या सामने आई, जिन पर तत्काल कार्रवाई कर उन्हें सुरक्षित किया गया है.

चार विशेष टीमें मैदान में उतारी गईं

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने मुख्यालय से चार विशेष दल रात में ही रवाना किए. कार्यपालक अभियंता की अध्यक्षता में ये टीमें बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज में तटबंधों और बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की निगरानी कर रही हैं. विभाग के मुताबिक अतिरिक्त अभियंताओं की भी तैनाती की गई है. क्षेत्रीय अभियंता मौके पर रहकर बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, जबकि विभाग के वरीय अधिकारी भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

अपस्ट्रीम में घट रहा पानी, डाउनस्ट्रीम में बढ़ा दबाव

जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक के अपस्ट्रीम में जलस्तर घटने की प्रवृत्ति है, लेकिन डाउनस्ट्रीम में पानी बढ़ रहा है. ऐसे में पश्चिम चंपारण से लेकर गंडक के निचले इलाकों तक तटबंधों पर दबाव बना हुआ है. विभाग की टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत के मुताबिक बाढ़ संघर्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं. वहीं, तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग भी उठी है.



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