नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक के बहुचर्चित घोटाले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है. भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के सिंडिकेट से जुड़े प्रमुख आरोपी संदीप मिस्त्री को आखिरकार भारत खींच लाया गया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के मजबूत तालमेल से उसे यूएई से डिपोर्ट कराया है. संदीप मिस्त्री लंबे समय से दुबई में छिपकर बैठा था और जांच से भाग रहा था. उसके खिलाफ सीबीआई की मुंबई स्थित बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच में धोखाधड़ी का गंभीर केस दर्ज है. आरोपी पर विदेशी शेल कंपनियों के जरिए फर्जी कारोबार दिखाने और भारतीय बैंकों से हजारों करोड़ रुपये उड़ाने का आरोप है. आधी रात को मुंबई एयरपोर्ट पर कदम रखते ही सीबीआई की स्पेशल टीम ने उसे दबोच लिया. इसके बाद अदालत में पेश कर उसे सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
सीक्रेट चैट और फर्जी कागजों से कैसे रची गई थी अरबों की साजिश?
डमी डायरेक्टर्स को धमकाकर दुबई के बैंक खातों से कैसे उड़ाए गए पैसे?
इसका मकसद यह दिखाना था कि ये कंपनियां वास्तविक मालिकों की हैं. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने यूएई में खुली इन डमी कंपनियों के बैंक खातों से बड़ी रकम की निकासी की थी. इस तरह जनता के पैसे को सिफोन करके ठिकाने लगाया गया था. इस पूरे मामले में अदालत में चार्जशीट पहले ही पेश की जा चुकी है.
सीबीआई हिरासत में संदीप मिस्त्री.
मात्र दो महीने में इंटरपोल के रेड नोटिस से कैसे कसा सीबीआई का शिकंजा?
इस अंतरराष्ट्रीय भगोड़े को पकड़ने के लिए भारतीय एजेंसियों ने बेहद तेज और आक्रामक रणनीति तैयार की थी. सीबीआई की अपील पर जुलाई 2026 में इंटरपोल ने संदीप मिस्त्री के नाम रेड कॉर्नर नोटिस निकाला था. नोटिस जारी होते ही यूएई की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उसकी लोकेशन ट्रैक करना शुरू कर दिया था. महज दो महीने के भीतर उसे यूएई में ट्रेस करके गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करके उसे भारत डिपोर्ट करने का फैसला हुआ. सीबीआई ने इस पूरे ऑपरेशन को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बहुत बड़ी मिसाल बताया है.
आधी रात मुंबई पहुंचते ही आरोपी को जेल के पीछे कैसे पहुंचाया गया?
संदीप मिस्त्री को लेकर आ रही फ्लाइट 28 सितंबर 2026 की रात 11 बजकर 55 मिनट पर मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुई. वहां पहले से मुस्तैद सीबीआई की टीम ने उसे उतरते ही अपनी कस्टडी में ले लिया. रात में ही जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अगली सुबह उसे स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने मामले की गंभीरता और सीबीआई के ठोस सबूतों को देखते हुए उसे सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. अब कस्टडी में उससे नीरव मोदी के विदेशी पैसों के लेनदेन को लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी.