नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर के एक पार्क में सुबह 3:30 बजे जब घना अंधेरा होता है, तब एक व्यक्ति अंधेरे में दौड़ता हुआ और एक्सरसाइज करता हुआ नजर आता है. ऐसा लगता है जैसे मानो उसको किसी कठिन मिशन पर जाना हो, जिसकी तैयारी वह इतनी सुबह-सुबह उठकर कर रहा है. पूछताछ करने पर पता चला कि वह व्यक्ति कोई साधारण नागरिक नहीं, बल्कि एक एथलीट है, जिसकी उम्र 46 साल है. और तो और उसके पास 1700 मेडल हैं. यही नहीं, वह रोज सुबह 3:30 बजे जागकर सुबह के 7:00 बजे तक एक्सरसाइज करता है.
जीवन में उसने कभी कोई क्लब का मुंह तक नहीं देखा. क्योंकि 8 साल की उम्र से यह शख्स देश के लिए अलग-अलग स्पोर्ट्स में भाग ले रहा है. नाम पूछने पर पता चला कि इनका नाम निखिल हर्ष है. जो कि पंजाबी ब्राह्मण हैं. साथ ही रहने वाले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के हैं और इनका एक घर चंडीगढ़ में भी है. सहारनपुर और चंडीगढ़ का घर भी मेडल और ट्रॉफी से भरा हुआ है. दिल्ली एनसीआर में उनका जो घर है. वहां पर भी अभी भी बड़ी संख्या में उन्होंने अपने मैडल रखे हुए हैं. कैसा है इनके दिन का रूटीन, चलिए आपको सब कुछ बताते हैं.
मेडल रखने के लिए है एक छोटा घर
निखिल हर्ष ने बताया कि हर रविवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में मैराथन होती है. उसमे वह वहां जरूर जाते हैं. इसके अलावा लद्दाख तक में उन्होंने दौड़ लगाई है और मेडल जीते हैं. 2010 में लाहौर और स्पीति में एक दौड़ हुई थी, उसमें उन्होंने हिस्सा लिया था. उसमें भी मेडल जीता था. उन्होंने बताया कि उनके पास मेडल इतने सारे हैं कि वह उनको गिन तक नहीं पाते और याद तक नहीं है कि कितने मेडल उन्होंने अब तक हासिल कर लिए हैं, लेकिन लगभग 1700 के करीब मेडल उनके पास मौजूद है.
सहारनपुर और चंडीगढ़ में भी जो घर है. वहां पर भी मेडल रखे हैं और दिल्ली एनसीआर में उनका घर है. वहां पर भी कई मेडल अभी तक उनके पास रखे हुए हैं. मेडल रखने के लिए यह घर छोटा पड़ रहा था. इसलिए सहारनपुर और चंडीगढ़ में उन्होंने अपने मेडल को रख दिया. उन्होंने बताया कि यहां पर वह अपने बच्चे, पत्नी और मां के साथ रहते हैं. इसलिए इस घर में मेडल रखने के लिए जगह कम पड़ गई थी.
जानें रात में कितने बजे हैं सोते
निखिल हर्ष ने बताया कि वह रात के 8:00 बजते ही सो जाते हैं. सुबह 3:30 बजे जाग जाते हैं. जब उनको रात में सोना होता है तो 8:00 बजे से पहले ही अपने फोन को बंद कर देते हैं और सुबह 3:30 बजे से लेकर 7:00 बजे तक एक्सरसाइज करने के बाद ही अपने फोन को ऑन करते हैं. उन्होंने बताया कि किसी भी तरह का कोई क्लब या लेट नाइट पार्टी उनको पसंद नहीं है. एक एथलीट के तौर पर उन्होंने इसी रूटिंग को अपना रखा है.
वहीं, फिलहाल क्रिकेट, फुटबॉल से लेकर बैडमिंटन सभी खेलों में हिस्सा लेते हैं. युवाओं को इन दिनों ट्रेनिंग भी दे रहे हैं कि वह मैराथन या दूसरे स्पोर्ट्स में कैसे हिस्सा लें. वह कहते हैं कि हर इंसान को अपने लिए कम से कम रोज एक घंटा निकालना चाहिए, जिसमें वह योग करें या फिर जो उसे अच्छा लगता है. उसे काम को करें. इससे आपकी फिटनेस बनी रहेगी.
एथलीट बनने के बाद नहीं खाया रात का खाना
निखिल हर्ष ने बताया कि जब से वह बचपन में एथलीट बनने की ओर अग्रसर थे. तब से ही उन्होंने एक कठिन रूटिंग को अपना लिया था. पिता का मेडिसिन का कारोबार था, तो पिता ने भी फिटनेस में बहुत ध्यान दिया ताकि किसी भी तरह की कोई बीमारी घर में किसी को ना हो. उन्होंने बताया कि जब से वह एथलीट बने हैं, तब से लेकर आज तक रात का खाना उन्होंने नहीं खाया है. रात में वह जीरा या फिर अजवाइन को पानी में भिगो देते हैं. सुबह इस पानी को पीते हैं. उसके बाद जब एक्सरसाइज करके आते हैं, तो नाश्ता थोड़ा भारी करते हैं. दोपहर में सादा खाना खाते हैं. इसके अलावा शाम करीब 5 बजे फल खाते हैं. इसके बाद कुछ नहीं खाते हैं.