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Tractor-Trolly Big News: उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग का बड़ा फैसला आया है. अब राज्य में सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है. साथ ही इन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगानी होगी. अभी तक कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल होने के कारण ट्रॉलियों का रजिस्ट्रेशन नहीं होता था, जिससे हादसे के बाद उनकी पहचान करना मुश्किल होता था.
ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कराना जरूरी है. (फाइल फोटो)
UP Tractor-Trolly Big News: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर बेकाबू दौड़ने वाली और ईंट-मिट्टी की ढुलाई में धड़ल्ले से इस्तेमाल होने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर अब परिवहन विभाग का शिकंजा कसने वाला है. बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और वाहनों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए शासन ने अब ट्रैक्टर के साथ-साथ ट्रॉलियों का भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है. इन पर अब हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगानी होगी, जिससे नियमों को ताक पर रखकर चलने वालों की खैर नहीं होगी.
आंकड़ों के मुताबिक, अकेले एक जिले में 23,431 ट्रैक्टर रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से व्यावसायिक कार्य के लिए सिर्फ 63 ही दर्ज हैं. हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि बड़ी संख्या में ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉली हैं जिनका रजिस्ट्रेशन तो खेती-किसानी के नाम पर लिया गया है, लेकिन उनका उपयोग धड़ल्ले से ईंट, मौरंग, मिट्टी की ढुलाई और सवारियां ढोने में किया जा रहा है. हाईवे से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों तक ये बिना नंबर और लाइट की ट्रॉलियां आए दिन भीषण सड़क हादसों का कारण बनती हैं.
एआरटीओ ऑफिस में होगा रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर दर्ज
परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार अब ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली का भी एआरटीओ कार्यालय में पंजीयन कराना होगा. ट्रॉली पर बकायदा चेसिस नंबर और नया पंजीकरण नंबर भी अंकित किया जाएगा. इससे यह चुटकियों में पता चल सकेगा कि संबंधित ट्रॉली का मालिक कौन है और उसका निर्माता (मैन्युफैक्चरर) कौन है. पिछले साल ही शासन ने यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन पूर्व में अधिकारियों की सुस्ती के कारण इस पर पूरी तरह अमल नहीं हो पाया था.
अब सख्ती से चलेगा अभियान
एआरटीओ गौरीशंकर ठाकुर ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी लाने के लिए अब इस नियम का पालन अत्यंत सख्ती से कराया जाएगा. इसके लिए परिवहन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान चलाएंगे. प्रशासन की इस सख्ती से उन वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया है जो कृषि छूट की आड़ में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का अवैध व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे थे. इस नई व्यवस्था के लागू होने से सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और लापरवाह चालकों पर नकेल कसना आसान हो जाएगा.