Sanwaliya Seth: सांवलिया सेठ के भंडार में नोटों की बरसात, दान 29 करोड़ पार, सोना-चांदी की गिनती अभी बाकी

Sanwaliya Seth: सांवलिया सेठ के भंडार में नोटों की बरसात, दान 29 करोड़ पार, सोना-चांदी की गिनती अभी बाकी


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सांवलिया सेठ के भंडार में नोटों की बरसात, दान 29 करोड़ पार, सोना-चांदी बांकी

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Sanwaliya Seth Temple Devotee Offers Counting: चित्तौड़गढ़ के मंडफिया स्थित प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर के भंडार से निकली दान राशि की आठवें चरण तक गणना पूरी हो चुकी है. अब तक मंदिर को 29 करोड़ 6 लाख 31 हजार 230 रुपए नकद दान के रूप में प्राप्त हुए हैं. आठवें चरण में ही 51 लाख 68 हजार 630 रुपए की गिनती हुई, जिसे बैंक में जमा करा दिया गया. इससे पहले सात चरणों में 28 करोड़ 54 लाख 62 हजार 600 रुपए की गणना हो चुकी थी. मंदिर का दानपात्र अमावस्या से एक दिन पहले परंपरा के अनुसार खोला गया था. झलझुलनी मेले के चलते गणना कुछ दिनों के लिए रोकनी पड़ी थी. अभी छोटे नोट, चिल्लर, ऑनलाइन दान और सोने-चांदी के आभूषणों की तौल बाकी है. ऐसे में दान का अंतिम आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है.

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सांवलियाजी मंदिर के भंडार से निकली दान राशि 29 करोड़ के पार पहुंचा

चित्तौड़गढ़. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित प्रसिद्ध कृष्णधाम सांवलियाजी मंदिर में भगवान सांवलिया सेठ के भंडार से निकली दान राशि की गणना लगातार जारी है. चतुर्दशी को परंपरा के अनुसार खोले गए दानपात्र की आठवें चरण तक की गणना पूरी हो चुकी है. इसके बाद मंदिर को अब तक कुल 29 करोड़ 6 लाख 31 हजार 230 रुपए की नकद दान राशि प्राप्त हो चुकी है. हालांकि गणना अभी पूरी नहीं हुई है.

छोटे नोटों और चिल्लर की गिनती के साथ सोने-चांदी के आभूषणों का वजन और ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त दान राशि का विवरण भी अभी बाकी है.  ऐसे में अंतिम आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है. आठवें चरण की गणना में 51 लाख 68 हजार 630 रुपए की राशि गिनी गई, जिसे बैंक में जमा करा दिया गया है. इससे पहले सात चरणों में कुल 28 करोड़ 54 लाख 62 हजार 600 रुपए की नकदी की गणना की जा चुकी थी. आठवें चरण की राशि जुड़ने के बाद कुल नकद दान का आंकड़ा 29 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है.

आठ चरणों में सामने आई करोड़ों की नकद राशि

भंडार से निकली नकदी की गणना कई चरणों में की गई. पहले चरण में 7 करोड़ 53 लाख 60 हजार रुपए मिले. दूसरे चरण में 7 करोड़ 51 लाख 94 हजार रुपए की गणना हुई. तीसरे चरण में 5 करोड़ 58 लाख 2 हजार रुपए सामने आए. चौथे चरण में 4 करोड़ 97 लाख 26 हजार 600 रुपए की राशि गिनी गई. इसी तरह पांचवें चरण में 1 करोड़ 66 लाख रुपए, छठे चरण में 81 लाख 65 हजार रुपए और सातवें चरण में 25 लाख 85 हजार रुपए की नकदी की गणना की गई. इन सात चरणों की कुल राशि 28 करोड़ 54 लाख 62 हजार 600 रुपए रही. इसके बाद आठवें चरण में 51 लाख 68 हजार 630 रुपए की गणना की गई, जिससे अब तक कुल नकद दान 29 करोड़ 6 लाख 31 हजार 230 रुपए हो गया है. मंदिर का भंडार अमावस्या से एक दिन पहले परंपरा के अनुसार खोला गया था. इसके बाद झलझुलनी मेले के आयोजन के चलते दान राशि की गणना का काम कुछ दिनों के लिए रोका गया और करीब चार दिन बाद इसे फिर शुरू किया गया.

नकदी के साथ सोने-चांदी के आभूषण भी चढ़ाते हैं भक्त

सांवलिया सेठ के दरबार में भक्त सिर्फ नकद राशि ही नहीं चढ़ाते, बल्कि मन्नत पूरी होने और मनोकामना पूरी होने की खुशी में बड़ी संख्या में सोने-चांदी के आभूषण भी अर्पित करते हैं. मंदिर के भंडार से निकले इन आभूषणों की तौल की प्रक्रिया अभी बाकी है. यही वजह है कि वर्तमान में जारी कुल नकद राशि मंदिर को मिले दान का अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता. मंदिर प्रशासन की ओर से शेष छोटे नोट, चिल्लर, ऑनलाइन दान और सोने-चांदी के आभूषणों का हिसाब पूरा किया जाना बाकी है. गणना पूरी होने के बाद मंदिर को इस बार प्राप्त कुल दान की तस्वीर और स्पष्ट होगी. सांवलियाजी मंदिर में हर बार की तरह इस बार भी भक्तों की ओर से चढ़ाए गए आभूषण श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.



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