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Jaipur Congress Protest Scuffle: जयपुर के शहीद स्मारक पर चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ मुद्दे को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच ही मारपीट हो गई. मंच के पास किसी बात को लेकर दो गुटों में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और लात-घूंसों में बदल गई. हंगामा बढ़ने पर जयपुर पुलिस को हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग करना पड़ा. इस प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. कार्यकर्ताओं के बीच विवाद के बावजूद पार्टी का मुख्य कार्यक्रम जारी रहा. डोटासरा और गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक से मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया.
जयपुर के शहीद स्मारक पर चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन में जमकर चले लात-घूसे
जयपुर. चुनाव आयोग के खिलाफ ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब पार्टी के ही कुछ कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. मंच के ठीक बगल में किसी बात को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गया. दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिससे प्रदर्शन स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे. इसी दौरान मंच के पास मौजूद कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई. मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हाथापाई शुरू हो गई. देखते ही देखते कार्यकर्ताओं के बीच लात-घूंसे चलने लगे. मारपीट के कारण आसपास मौजूद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भी हलचल मच गई.
पुलिस ने बीच में पहुंचकर कराया मामला शांत
हंगामा बढ़ता देख मौके पर मौजूद जयपुर पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया. पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को काबू में किया. कुछ देर तक प्रदर्शन स्थल पर तनाव जैसी स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के बाद मामला शांत हो गया. फिलहाल विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और इसमें कौन-कौन कार्यकर्ता शामिल थे, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर स्थिति सामान्य होने की जानकारी है. नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी के बीच कार्यकर्ताओं को शांत कराया गया. झड़प के कारणों और इसमें शामिल लोगों को लेकर पार्टी स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर बनी हुई है. शहीद स्मारक पर प्रदर्शन का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था. कांग्रेस की ओर से ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर केंद्रित इस प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विरोध जताया. पार्टी का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों को लेकर जवाबदेही जरूरी है. प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर अपना पक्ष रखा.
डोटासरा-गहलोत के नेतृत्व में निकला मार्च
कार्यकर्ताओं के बीच हुए हंगामे के बावजूद पार्टी का मुख्य कार्यक्रम जारी रहा. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक से मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च निकाला. बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता इस मार्च में शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विरोध दर्ज कराया. कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए.
वहीं, प्रदर्शन स्थल पर कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट ने पूरे कार्यक्रम का एक अलग पहलू सामने ला दिया. जिस समय पार्टी नेतृत्व चुनाव आयोग के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहा था, उसी दौरान मंच के पास पार्टी कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच हुई भिड़ंत चर्चा का विषय बन गई. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभल गई और कांग्रेस का मार्च आगे बढ़ा. अब इस बात पर नजर रहेगी कि कार्यकर्ताओं के बीच हुई इस झड़प को लेकर पार्टी या पुलिस की ओर से कोई औपचारिक कार्रवाई की जाती है या नहीं.