Gold Prediction: सितंबर में 8% गिरने के बाद क्या फिर रॉकेट बनेगा सोना? ICICI बैंक ने कर डाली चौंकाने वाली भविष्यवाणी

Gold Prediction: सितंबर में 8% गिरने के बाद क्या फिर रॉकेट बनेगा सोना? ICICI बैंक ने कर डाली चौंकाने वाली भविष्यवाणी


Last Updated:

Gold Forecast : पिछले महीने यानी अगस्त में सोने में 9 फीसदी की जोरदार तेजी आई थी. लेकिन अब गोल्‍ड ने अचानक यू-टर्न ले लिया है. सितंबर में सोना का भाव वैश्विक और घरेलू बाजार में अब तक लगभग 8 फीसदी फिसल चुका है. त्‍योहारी सीजन से पहले आई इस गिरावट ने सभी को चौंका दिया है. अब ICICI बैंक ने अपनी एक रिसर्च रिपोर्ट में सोने के रेट को लेकर जो भविष्‍यवाणी की है, वो भी चौंकाने वाली ही है.

ICICI बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने में आई मौजूदा गिरावट किसी लंबी मंदी की शुरुआत नहीं है. बल्कि यह एक करेक्शन है. बैंक का कहना है कि इस महीने गोल्‍ड के रेट में आई गिरावट के पीछे कई कारण हैं. अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को लेकर सख्त रुख की नई आशंकाएं, लगातार बनी हुई महंगाई की चिंता और कच्चे तेल के ऊंचे दाम इस गिरावट की मुख्य वजह रहे हैं. अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों ने डॉलर को सहारा दिया. इससे भी सोने की चमक फीकी हुई. हालांकि, बैंक का मानना है कि यह दबाव अस्थायी है.

आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 के बचे हुए महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,200 से 4,600 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार करेगा. लेकिन, साल 2027 की पहली छमाही आते-आते यह फिर जलवा बिखेरना शुरू करेगा.

ICICI बैंक का कहना है कि भारत में सोने के भाव सीधे तौर पर वैश्विक कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की चाल से तय होंगे. विदेशी बाजार में स्थिरता और रुपये में संभावित उतार-चढ़ाव को देखते हुए बैंक ने 2026 के शेष समय के लिए घरेलू स्तर पर सोने का अनुमान 1.40 लाख से 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रखा है. यानी भारतीय खरीदारों को दिवाली और साल के अंत तक इसी ऊंचे दायरे में कारोबार देखने को मिलेगा.

Add News18 as
Preferred Source on Google

आईसीआईसीआई बैंक ने 2027 के शुरुआती महीनों में अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में सोने के भाव 4,600 से लेकर 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंचने की भविष्यवाणी की है. बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) में बड़े पैमाने पर संस्थागत निवेशक पैसा लगा रहे हैं. अगस्त 2026 में वैश्विक स्तर पर गोल्ड ईटीएफ में 17.8 अरब डॉलर का जबर्दस्त इन्‍वेस्‍टमेंट हुआ. इससे तीसरी तिमाही में कुल ईटीएफ मांग बढ़कर 144.7 टन तक पहुंच गई.

दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अगस्त में 20 टन सोना अपने खजाने में जोड़ा, जो अक्टूबर 2023 के बाद उसकी सबसे बड़ी मासिक खरीद है. वैश्विक अर्थव्यवस्था के कई अन्य मोर्चे भी सोने की कीमतों को नई उड़ान देने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रहे हैं.

अमेरिका का लगातार बढ़ता राजकोषीय घाटा और भारी-भरकम सरकारी कर्ज वैश्विक वित्तीय तंत्र के लिए लंबी अवधि की चिंता का विषय बना हुआ है. दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अब डॉलर-डिनॉमिनेटेड एसेट्स पर निर्भरता घटाकर अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता ला रहे हैं. जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों का दबाव थमेगा और अमेरिकी ब्याज दरों में नरमी आएगी, सोने फिर उछाल मारेगा.

सोने की बढ़ी कीमतों ने खुदरा आभूषणों की खरीदारी को सीमित कर दिया है. मध्यम वर्ग और बजट खरीदार फिलहाल सोने के बड़े आभूषणों से दूरी बना रहे हैं. लेकिन शादियों से जुड़ी मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है. ज्वेलर्स को उम्मीद है कि आगामी नवरात्रि, धनतेरस और शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त सर्राफा बाजार में रंगत लाएंगे. भले ही ग्राहक कम वजन के गहने खरीदें, लेकिन त्योहारी सेंटिमेंट के चलते बिक्री का कुल कारोबारी मूल्य ऊंचा बने रहने की पूरी उम्मीद है.

अगस्त महीने में भारत का सोने का आयात तेजी से घटकर 2.3 अरब डॉलर रह गया, जो जुलाई में 4.2 अरब डॉलर दर्ज हुआ था. इसके उलट, घरेलू निवेशकों ने डिजिटल और पेपर गोल्ड में ज्‍यादा पैसा लगाया. भारतीय गोल्ड ईटीएफ में अगस्त के दौरान निवेश बढ़कर 2,600 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link