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Delhi University News: दिल्ली के दौलत राम कॉलेज में एक नई, हाईटेक लैब शुरू हुई है. जिसे स्किल डेवलपमेंट सेंटर नाम दिया गया है. यह लैब ड्रोसोफिला और ज़ेब्रा फिश मॉडल पर रिसर्च करेगी. जिससे दिल्ली के सभी साइंस स्टूडेंट्स को जीव विज्ञान और जीव-जंतुओं पर शोध करने का मौका मिलेगा.
नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी और दिल्ली में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी है. खास तौर पर अगर वह साइंस के स्टूडेंट हैं या उनकी दिलचस्पी जीव जंतु या जीव विज्ञान में है. तो ऐसे स्टूडेंट्स को अब रिसर्च करने का मौका मिलेगा. क्योंकि दिल्ली में स्थित दौलत राम कॉलेज में शुरू हो चुकी है. बेहद हाइटेक लैब जोकि रिसर्च करने में अहम भूमिका निभाएगी. आपको बता दें कि दौलत राम कॉलेज में पहले भी जेब्रा फिश लैब थी लेकिन वह हाईटेक नहीं थी. अब जो नई लैब यहां बनकर तैयार हुई है यह बेहद हाईटेक है. इसमें ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स एक वक्त में रिसर्च कर सकते हैं. इसे स्किल डेवलपमेंट सेंटर का नाम दिया गया है. फिलहाल यहां पर अभी और हाईटेक मशीन आएंगी जिससे स्टूडेंट्स को काफी फायदा होगा. पहले दिन हिंदू कॉलेज के स्टूडेंट यहां पहुंचे और उन्होंने लैब को देखने के साथ ही रिसर्च भी की.
क्या है ड्रोसोफिला और ज़ेब्रा फिश मॉडल
इस लैब को स्थापित करने वाली प्रोफेसर डॉ. पद्मश्री मुद्गल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि दौलत राम कॉलेज में इस लैब को पहले भी स्थापित किया गया था. लेकिन वह पुरानी हो चुकी थी. उसमें जगह भी कम थी. अब नई लैब बनकर तैयार हो चुकी है. इसमें जगह भी ज्यादा है. रिसर्च के लिए स्टूडेंट्स को एक वक्त में ज्यादा से ज्यादा मौका भी मिलेगा. फिलहाल यहां पर हिंदू कॉलेज के स्टूडेंट आ चुके हैं. लगातार वर्कशॉप चल रही है. सुबह से शाम तक स्टूडेंट को ड्रोसोफिला और ज़ेब्रा फिश मॉडल के बारे में बताया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि यह मॉडल क्या है इसे समझना जरूरी है. ड्रोसोफिला (Drosophila) और ज़ेब्रा फिश (Zebrafish) मॉडल वैज्ञानिक शोध में इस्तेमाल होने वाले जीव-जंतु मॉडल हैं. इनके जरिए वैज्ञानिक मानव शरीर, बीमारियों, दवाओं और जीन से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझते हैं. इसके अलावा यहां एक्वाकल्चर ऑफ ऑर्नामेंटल फिश यानी सजावटी मछली पालन, रंगीन और आकर्षक जलीय जीवों को नियंत्रित वातावरण में पालने और उनका प्रजनन कराने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है. इसके अलावा मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर भी यह है. यानी इन तीन मॉडल पर स्टूडेंट्स को रिसर्च करने का मौका मिलेगा. उन्होंने यह भी बताया कि इसे स्किल डेवलपमेंट सेंटर का नाम दिया गया है.
स्टूडेंट के लिए बेहतरीन मौका
हिंदू कॉलेज से अपने स्टूडेंट को लेकर के यहां पहुंची प्रोफेसर सोमा ने खास बातचीत में बताया कि स्किल डेवलपमेंट सेंटर और जेब्रा फिश लैब फिलहाल दौलत राम कॉलेज में ही है. इसी वजह से यहां पर स्टूडेंट आए हैं और लंबे वक्त से वह खुद भी इस लैब से जुड़ी हुई है. इसलिए अपने स्टूडेंट को यहां पर लेकर आईं है ताकि स्टूडेंट्स को ज्यादा से ज्यादा जानकारी हो कि आखिर यहां पर काम कैसे होता है. इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है और उन्हें रिसर्च में भी फायदा होगा.